संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा (सोनीपत)। क्षेत्र में शनिवार को ओलावृष्टि से फसल क्षतिग्रस्त होने को लेकर सोमवार को क्षेत्र के किसानों ने एसडीएम को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान विधायक जयवीर सिंह व पूर्व विधायक सुखबीर फरमाणा भी मौजूद रहे। एसडीएम ज्योति मित्तल ने किसानों को आश्वस्त किया कि वह उनकी मांग को सरकार तक भेजेंगी।
क्षेत्र के किसान सोमवार को परशुराम पार्क में एकत्रित हुए। जहां पर विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे। इस अवसर पर विधायक जयवीर सिंह व पूर्व विधायक सुखबीर फरमाणा भी किसानों के बीच पहुंचे। विधायक जयवीर सिंह ने कहा कि वह किसानों के साथ इस आपदा में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और सरकार से मांग की जाएगी कि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई हो। इसके बाद किसान लघु सचिवालय पहुंचे, जहां पर किसानों ने बुजुर्ग केहर सिंह के नेतृत्व में एसडीएम ज्योति मित्तल को सरकार के नाम अपना मांगपत्र सौंपा।
किसानों ने कहा कि गिरदावरी से पहले प्रत्येक गांव में इसकी मुनादी करवाई जाए। मौके के मुताबिक गिरदावरी हो और पोर्टल व शर्तों में किसान को ना बांधा जाए। वह चाहते हैं कि खेत मालिक के बजाए जो किसान खेती कर रहा है उसके खाते में ही मुआवजा राशि भेजी जाए। खेत का निरीक्षण करने के दौरान खेत मालिक को भी बुलाया जाए और आचार संहिता लगने से पहले ही कार्रवाई को पूर्ण कर लिया जाए। उन्हें पचास हजार प्रति एकड़ मुआवजा चाहिए वहीं भावांतर भरपाई योजना 2023 का बकाया भी उन्हें दिया जाए।
ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का एसडीएम ने लिया जायजा
एसडीएम ज्योति मित्तल ने दस से अधिक गांवों में ओलावृष्टि के कारण खराब हुई फसलों का जायजा लिया। उन्होंने पिपली, सैदपुर, जटोला, मंडोरा सहित कई गांवों का दौरा किया। सुबह से ही उनके पास विभिन्न गांवों के किसान ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों के नुकसान को लेकर पहुंच रहे थे। वहीं इससे पहले उन्होंने पटवारियों की भी अपने कार्यालय में बैठक ली, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि एक जगह पर ही बैठक कर फसल खराबे की गिरदावरी नहीं होनी चाहिए, फसल को हुए नुकसान का सटीक आकलन होना चाहिए, खानापूर्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पटवारी की शिकायत नहीं आनी चाहिए। इसके बाद एसडीएम ने खुद भी फील्ड में उतरकर खेतों का निरीक्षण किया। जहां पर किसानों ने उन्हें खराब हुई फसल दिखाई। एसडीएम ज्योति मित्तल का कहना है कि हर किसान को चाहिए कि वह अपने फसल खराबे को ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर जरूर दर्ज करवाए, उसके बगैर उसे मुआवजा राशि नहीं मिलेगी।
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10 मार्च तक करा सकते हैं क्षतिपूर्ति पोर्टल पर पंजीकरण
गोहाना। ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का मुआवजा लेने के लिए किसानों को क्षतिपूर्ति पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण करवाने के लिए पोर्टल 10 मार्च तक खुला रहेगा। कृषि अधिकारियों के अनुसार क्षतिपूर्ति पोर्टल पर केवल उन किसानों की फसलों का ही पंजीकरण होगा, जिन किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाया हुआ है। उपमंडल कृषि अभियंता डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि ओलावृष्टि से फसल खराब होने की स्थिति में किसान क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फसलें पंजीकृत करवा सकते हैं। पोर्टल 10 मार्च तक ही खुला रहेगा।