संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। नेशनल हाईवे-44 पर भीड़ कम करने को भैरा-बांकीपुर से दहिसरा वाया दिल्ली के गांव पल्ला तक बनाए गए मार्ग के टूटकर बिखरने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान आंदोलन के दौरान एनएच-44 बंद होने के बाद दिल्ली के लिए इसी मार्ग से सबसे अधिक वाहनों का आवागमन होता था, जिसके चलते सड़क पर इतने गड्ढे हो गए हैं कि तारकोल की समतल सड़क को गड्ढों के बीच खोजना पड़ रहा है।
सड़क निर्माण का मुद्दा विधानसभा तक उठ चुका है, लेकिन उसके बाद भी इसका निर्माण नहीं हो सका है। उधर, अधिकारी सड़क निर्माण को लेकर टेंडर लगाने की बात कह रहे हैं, लेकिन क्षेत्रवासी निर्माण की बांट जोह रहे हैं।
एनएच-44 किसान आंदोलन के चलते सवा साल तक बंद रहा था। ऐसे में वाहन चालक दिल्ली में आवागमन के लिए भैरा-बांकीपुर, दहिसरा से होते हुए दिल्ली के गांव पल्ला के रास्ते आगे आवागमन करते थे। वाहनों की अधिकता के कारण यह सड़क खस्ताहाल हो गई थी। बेशक अब वाहनों का दबाव कम हुआ है, लेकिन निर्माण या पैचवर्क नहीं होने से इस मार्ग से निकलना लोगों के लिए परेशानी का सबब बन चुका है। आसपास के गांवों के लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बाद अधिकारी व जनप्रतिनिधि मार्ग के निर्माण के लिए 4 करोड़ का बजट पास करने के दावे तो कर रहे हैं, लेकिन इस इस मार्ग की कोई सुध नहीं ले रहा है।
क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग के निर्माण को लेकर स्थानीय विधायक मोहन लाल बड़ौली विधानसभा तक में मुद्दा उठा चुके हैं। उसके बाद भी कभी बजट तो कभी टेंडर आवंटन की बात कहकर इसे लटकाया ही जा रहा है। अब तो मार्ग इस कदर टूट चुका है कि इस पर चलना मुश्किल हो जाता है। दो भारी वाहन एक साथ आने पर हादसे का अंदेशा बना रहता है।
बजट पास होने का दावा, धरातल पर नहीं होता काम
गांव अटेरना के रहने वाले एवं करणी सेना के प्रदेश संगठन मंत्री दीपक चौहान ने कहा कि करोड़ों का बजट पास होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा है। मार्ग बुरी तरह टूटा है, लेकिन कोई सुध नहीं ले रहा। जल्द समस्या दूर नहीं हुई तो वह आंदोलन की राह पर चलने को विवश होंगे।
मार्ग के पुनर्निर्माण की मंजूरी मिल चुकी है। टेंडर लगा दिया गया है। टेंडर अलॉट होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिसके बाद वाहन चालकों व ग्रामीणों की परेशानी दूर हो सकेगी।
-बिजेंद्र हुड्डा, उपमंडल अभियंता, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड।