भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह शरण की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनैतिक) के सदस्य सोमवार सुबह ट्रेन में सवार होकर दिल्ली रवाना हुए। किसान संगठनों के दिल्ली कूच के एलान के बाद से दिल्ली पुलिस ने सिंघु बॉर्डर पर बैरिकेड लगा रखे है। जिसके चलते चेकिंग के बाद ही किसानों को दिल्ली जाने दिया जा रहा है। ऐसे में दिल्ली पुलिस को चकमा देकर सोनीपत से एसकेएम (अराजनैतिक) के सदस्य ट्रेन में सवार होकर निकल गए।
सोनीपत रेलवे स्टेशन से संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनैतिक) के सदस्य ट्रेन में हुए रवाना
दिल्ली में धरना दे रहे पहलवानों का समर्थन करने के लिए एसकेएम (अराजनैतिक) के पदाधिकारियों व सदस्यों ने सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाकर समर्थन देने का निर्णय लिया था। जिसके चलते सोनीपत से एसकेएम (अराजनैतिक) व भारतीय किसान नौजवान यूनियन के सदस्य सोमवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए। इससे पहले सभी किसान सोनीपत स्टेशन पर किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ के नेतृत्व में एकत्रित हुए और एचएनके ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हुए।
अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा पहलवानों के आंदोलन में समर्थन देने जा रहे
अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि धरना पहलवानों के नेतृत्व में शांतिपूर्ण रहेगा। देश के लिए पदक जीतकर विश्व स्तर पर पहचान दिलाने वाले पहलवानों को आज न्याय के लिए धरना देना पड़ रहा है। सभी की जिम्मेदारी बनती है कि उन्हें सहयोग देकर उनका हौसला बढ़ाएं। सरकार को कुश्ती संघ के अध्यक्ष पर कार्यवाही करनी चाहिए। उन्हें कानून व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। इस मौके पर रणबीर, राजबीर सिंह, बिजेंद्र सिंह, प्रवीण दहिया, हरिओम मलिक, बलराज दहिया व अजय कुमार मौजूद रहे।
पिछली बार दिल्ली जाते हुए बॉर्डर पर हिरासत में लिए गए थे, अबकी बार ट्रेन से निकले
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 3 मई की रात को पहलवानों संग दिल्ली के जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस की झड़प हो गई थी। जिसके बाद ओलंपियन बजरंग पूनिया ने सोशल मीडिया पर ऑनलाइन आकर लोगों को अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया था। जिनके समर्थन में अभिमन्यु कोहाड़ व उनके साथी 4 मई को भी कुंडली-सिंघु बॉर्डर के रास्ते दिल्ली के जंतर-मंतर पर जा रहे थे तो उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। दिनभर हिरासत में रखने के चलते उन्हें देर शाम को छोड़ा गया था। जिसके चलते वह दिल्ली नहीं जा सके थे। ऐसे में अब भी सिंघु बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस की बैरिकेडिंग का पता लगने के बाद किसान नेता व उनके साथी सोनीपत से ट्रेन में सवार होकर दिल्ली के लिए निकल गए।