सोनीपत के मुरथल विश्वविद्यालय में धरना देते हुए शिक्षण स्टाफ। स्रोत: एसोसिएशन
सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी), मुरथल की टीचर एसोसिएशन ने सरकार से कुलपति को वापस बुलाने की मांग की है, ताकि विवि को बर्बाद होने से बचाया जा सके। डीक्रूटा का आरोप है कि विवि प्रशासन नए फरमान जारी कर शिक्षकों को परेशान कर रहा है। शिक्षकों को अपने से नीचे के पद व ग्रेड पे के साथ काम करने पर मजबूर किया जा रहा है। विद्यार्थियों के भविष्य व विवि को बचाने के लिए डीक्रूटा का प्रदर्शन जारी रहेगा।
डीसीआरयूएसटी की टीचर एसोसिएशन ने दूसरे दिन भी विवि को बचाने व विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर प्रदर्शन किया और नए फरमानों के खिलाफ नारेबाजी की। आरोप है कि विवि प्रशासन नए नियम जारी कर शिक्षकों, विद्यार्थियों व कर्मचारियों को परेशान करने का काम कर रहा है। अब विवि के कर्मचारी कोई भी बैठक करेंगे तो उसका पैसा देना होगा, जबकि विवि में जो बाहर के कार्यक्रम होते हैं उनके लिए कोई नीति हैं। विवि में अब तक कर्मचारियों के किसी भी सामाजिक कार्यक्रम व मीटिंग पर कोई पैसा नहीं लगता था। जिसके लिए अब कमेटी बना दी गई है। विवि का कोई भी कर्मचारी सेवानिवृत्त होगा तो उसके लिए आयोजित होने वाले सामाजिक कार्यक्रम पर अब पैसा देना पड़ेगा। यह सब शिक्षकों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है, ताकि शिक्षक जायज मांग न उठा सकें। विवि प्रशासन मात्र कमेटी बनाने पर ही लगा हुआ है, विवि के विकास व विद्यार्थियों के हितों से कोई लेना देना नहीं है।
डीक्रूटा ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों के लिए किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। विद्यार्थियों की क्लास निरंतर जारी रहेंगी, इसके साथ ही विरोध प्रदर्शन भी जारी रहेगा। डीक्रूटा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि विवि को बचाने के लिए कुलपति को वापस बुलाया जाए। विरोध प्रदर्शन में प्रधान प्रो. सुरेंद्र दहिया, उप प्रधान डाॅ. अनिल यादव, सचिव डाॅ. अजमेर सैनी, कोषाध्यक्ष डाॅ. ममता भगत, डाॅ. पंकज सहित अधिकतर शिक्षक मौजूद रहे।