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Sonipat News: खेवड़ा की जमीन का गतिरोध टूटा, दिल्ली-करनाल आरआरटीएस को मिलेगी नई रफ्तार

Thu, 25 Jun 2026 05:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो ::आरआरटीएस परियोजना के लिए दिल्ली में किया जा रहा मिट्टी परीक्षण। फाइल फोटो
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सोनीपत। दिल्ली-करनाल क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना को सोनीपत में बड़ा संबल मिला है। लंबे समय से परियोजना की राह में रोड़ा बने गांव खेवड़ा के भूमि विवाद का समाधान होने के बाद अब इस महत्वाकांक्षी परिवहन परियोजना को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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साथ ही सराय काले खां से करनाल तक प्रस्तावित रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है जिससे परियोजना के धरातल पर उतरने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। बताया जा रहा है कि गांव खेवड़ा क्षेत्र में भूमि संबंधी लंबित विवाद लंबे समय से परियोजना की प्रगति को प्रभावित कर रहा था।
हाल ही में उच्च स्तर पर हुए प्रयासों के बाद इस अड़चन के दूर होने से अब कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति का मार्ग प्रशस्त हो गया है। संबंधित विभागों ने भी आवश्यक जमीन के अधिग्रहण और अन्य औपचारिकताओं को गति दे दी है।
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प्रस्तावित योजना के अनुसार सोनीपत में आरआरटीएस के छह आधुनिक स्टेशन विकसित किए जाएंगे जबकि गांव बड़ी में अत्याधुनिक डिपो स्थापित करने की योजना है। डिपो के लिए भूमि चिह्नित की जा चुकी है और आवंटन प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। डिपो बनने से रैपिड रेल के संचालन, रखरखाव और तकनीकी प्रबंधन की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।


केएमपी इंटरचेंज, आरजीईसी और मुरथल स्टेशन होंगे रणनीतिक केंद्र
परियोजना के तहत केएमपी इंटरचेंज, राजीव गांव एजुकेशन सिटी (आरजीईसी) और मुरथल को प्रमुख ट्रांजिट हब के रूप में विकसित करने की योजना है। हालांकि इन स्थलों पर भूमि उपलब्ध कराना अभी भी चुनौती बना हुआ है। अधिकारियों का फोकस इन महत्वपूर्ण स्टेशनों के लिए आवश्यक भूमि सुनिश्चित करने पर है ताकि कॉरिडोर के निर्माण में किसी प्रकार की बाधा न आए।


सोनीपत शहर के लिए अलग स्पर लाइन, बढ़ेगी शहरी कनेक्टिविटी
आरआरटीएस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू सोनीपत शहर के भीतर प्रस्तावित स्पर लाइन है। योजना के तहत नाथूपुर से सोनीपत तक आरआरटीएस और मेट्रो का साझा ट्रैक विकसित किया जाएगा। इसके बाद जुरासिक पार्क, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और लघु सचिवालय को जोड़ने वाली अलग स्पर लाइन तैयार होगी।
इस मार्ग पर अप और डाउन दिशा के लिए दो स्वतंत्र ट्रैक प्रस्तावित हैं जिससे शहर के प्रमुख प्रशासनिक, वाणिज्यिक और यातायात केंद्र सीधे रैपिड रेल नेटवर्क से जुड़ सकेंगे। इससे यात्रियों को निर्बाध और तेज आवागमन की सुविधा मिलेगी।

दिल्ली-एनसीआर से जुड़ेगा विकास का नया गलियारा
विशेषज्ञों के अनुसार दिल्ली-करनाल आरआरटीएस परियोजना केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं है। यह क्षेत्रीय विकास की नई धुरी साबित हो सकती है। परियोजना के पूरा होने पर सोनीपत से दिल्ली तक का सफर पहले की तुलना में काफी कम समय में तय किया जा सकेगा। वहीं मुरथल, राई, कुंडली और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से निवेश, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। भूमि अधिग्रहण और स्टेशन स्थलों से जुड़े मामलों में तेजी आने के बाद अब यह माना जा रहा है कि लंबे समय से चर्चा में रही यह बहुप्रतीक्षित परियोजना जल्द ही कागजों से निकलकर धरातल पर आकार लेती दिखाई देगी।
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