गणेश चतुर्थी पर यमुना के मीमारपुर घाट पर मूर्ति विसर्जन करते हुए डूबे किशोर के शव को भी बरामद कर लिया गया है। किशोर के पिता व चचेरे भाई के शवों को पुलिस पहले ही बरामद कर चुकी है। पुलिस ने शनिवार को तीनों के शवों का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। गमगीन माहौल में तीनों के शवों का एक साथ अलग-अलग चिताओं में अंतिम संस्कार किया गया।
शुक्रवार को गणेश चतुर्थी पर शहर से श्रद्धालु भगवान गणेश की मूर्ति विसर्जन करने के लिए नाचते-गाते हुए यमुना समेत अन्य घाटों पर गए थे। सोनीपत की सुंदर सांवरी कॉलोनी से भी करीब 35 श्रद्धालु मीमारपुर घाट पर पहुंचे थे। सुंदर सांवरी निवासी सुनील (45), उनका बेटा कार्तिक (13) व भतीजा दीपक (20) भी मूर्ति विसर्जन में शामिल थे। वह अन्य श्रद्धालुओं के साथ मूर्ति विसर्जन करने के दौरान स्नान के लिए यमुना के अंदर चले गए थे। इसी दौरान वह तेज बहाव में तीनों डूब गए थे। सूचना के बाद मुरथल थाना से टीम और गोताखोर घाट पर पहुंच गए थे। रात करीब आठ बजे सुनील और उनके भतीजे दीपक का शव बरामद कर लिया था। जबकि कार्तिक का सुराग नहीं लगा था।
यूपी की तरफ से चिल्लाए किसान, हरियाणा वालों यहां से बहता जा रहा है शव
गणपति विसर्जन के दौरान यमुना में डूबे कार्तिक को तलाश करने के लिए पुलिस ने गोताखोरों की सहायता से शनिवार सुबह फिर से तलाशी अभियान शुरू किया। मीमारपुर घाट की तरफ पुलिस घूम रही थी। वहीं चारा काट रही एक महिला ने पुलिस को बताया कि यूपी की तरफ नहर किनारे खड़े किसान चिल्लाकर कह रहे हैं कि हरियाणा वालों नहर में डूबे युवक का शव यहां से बहता जा रहा है। महिला की सूचना पर पुलिस ने तुरंत गोताखोरों की सहायता से शव को बाहर निकाला। जिसकी शनाख्त कार्तिक के रूप में हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवाया। कार्तिक की मौत से परिजनों का रोकर बुरा हाल है। कार्तिक पांच बहनों में इकलौता भाई था।