मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में धरने पर बैठे नॉन टीचिंग
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सोनीपत। मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग इन दिनों प्रशासनिक संकट में है। 31 जनवरी को चेयरमैन की सेवानिवृत्ति के बाद शैक्षणिक व प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
नई नियुक्ति नहीं हो पाने के कारण विद्यार्थियों व शोधार्थियों दोनों का भविष्य अधर में पड़ रहा है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों व शोधार्थियों का आरोप है कि विवि प्रशासन, विशेषकर कुलपति की उदासीनता के कारण 9 दिन से थीसिस सबमिशन, विवा-वोसे की स्वीकृति, पीएचडी रजिस्ट्रेशन, रिसर्च एक्सटेंशन, स्कॉलरशिप, प्रोजेक्ट अप्रूवल व अन्य जरूरी अकादमिक कार्य रुके पड़े हैं।
चेयरमैन न होने से केवल शोधार्थी ही नहीं, बल्कि एमटेक व बीटेक के छात्र भी प्रभावित हो रहे हैं। विभागीय निर्णय न होने के कारण प्रोजेक्ट अप्रूवल, इंटरनल असेसमेंट, कोर्स-रिलेटेड अनुमतियां और अकादमिक मार्गदर्शन में लगातार देरी हो रही है।
विश्वविद्यालय प्रबंधन से मांग है कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में तत्काल चेयरमैन या कार्यवाहक चेयरमैन की नियुक्ति की जाए। कुलपति की भूमिका व प्रशासनिक लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। लंबित सभी अकादमिक मामलों का तुरंत निपटारा सुनिश्चित किया जाए।