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डीसी अंकल! नियम 134ए लागू कराओ, शिक्षा का व्यापार बंद कराओ

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लघु सचिवालय के बाहर सड़क किनारे पाठशाला लगाकर प्रदर्शन करते छात्र-अभिभावक संघ के सदस्य, अभिभावक ? - फोटो : Sonipat
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नियम 134ए के तहत दाखिला न मिलने से गुस्साए अभिभावकों ने छात्र-अभिभावक संघ के बैनर तले शुक्रवार सुबह डीसी कार्यालय पर जमकर नारे लगाए। अभिभावकों ने अंतिम तिथि तक भी दाखिला न मिलने पर लघु सचिवालय के बाहर सड़क किनारे बच्चों की पाठशाला लगाई। डीसी अंकल! हमें स्कूल में दाखिला दिलाओ, शिक्षा हमारा अधिकार है, नियम 134ए लागू करो, शिक्षा का व्यापार बंद करो... आदि स्लोगन लिखी तख्तियों के साथ इसमें बच्चों ने रोष जताया। इस दौरान खुले आसमान के नीचे चल रही शीत लहर के बीच बच्चों को पढ़ाया गया।
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अलॉट किए गए स्कूलों में उपस्थिति दर्ज करवाने की शुक्रवार को अंतिम तिथि होने के कारण विद्यार्थियों व अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बनी रही। पात्र विद्यार्थियों का दाखिला न होने की स्थिति में शिक्षा निदेशालय ने शाम को अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जनवरी कर दी, जिसके बाद ही अभिभावकों ने राहत की सांस ली। अभिभावकों ने प्रशासनिक अधिकारियों से अलॉट स्कूलों में बच्चों का दाखिला सुनिश्चित करवाने की अपील की।
नियम 134ए के तहत मूल्यांकन परीक्षा के बाद 2544 विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट किए गए थे। अलॉट स्कूलों में उपस्थिति दर्ज करवाने की अंतिम तिथि दो बार बढ़ाए जाने के बाद भी अब तक 958 विद्यार्थियों का ही दाखिला सुनिश्चित हो पाया है, जबकि 266 के दाखिले रद्द किए गए हैं। अभी भी 1320 विद्यार्थियों का दाखिला होना शेष। प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशों के बावजूद कुछ स्कूल ऐसे हैं, जो दाखिला देने से इनकार कर रहे हैं। अभिभावकों ने कहा कि कुछ स्कूल दाखिला नहीं दे रहे और जो दे रहे हैं, वे बहाना बनाकर दाखिले रद्द कर रहे हैं। वैदिक ईरा स्कूल ने 13 विद्यार्थियों के दाखिले रद्द कर दिए। हालांकि शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए हैं कि स्कूल अपने स्तर पर किसी भी विद्यार्थी का दाखिला रद्द नहीं कर सकता। अगर स्कूल को बच्चे के परिवार की आय को लेकर कोई शक है तो उसके दाखिले को रद्द करने की मांग तीन सदस्यीय कमेटी को भेज सकता है।
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दाखिला मिलने तक जारी रहेगी पाठशाला
लघु सचिवालय पहुंचे अभिभावक अपने साथ बच्चों को लेकर पहुंचे थे। छात्र-अभिभावक संघ की उपाध्यक्ष प्रवेश कुमारी के नेतृत्व में पहले अभिभावकों ने जमकर नारेबाजी की। उसके बाद लघु सचिवालय गेट पर पाठशाला लगाकर बच्चों को पढ़ाया। प्रवेश कुमारी ने कहा कि जब तक बच्चों को अलॉट स्कूलों में दाखिला नहीं मिल जाता, तब तक यहीं पर पाठशाला लगाकर पढ़ाते रहेंगे।
समाज न्यायिक महासंघ ने किया समर्थन
नियम 134ए के तहत दाखिले न मिलने पर आंदोलनरत अभिभावकों को समाज न्यायिक महासंघ ने भी समर्थन दिया। महासंघ के अध्यक्ष आनंद कुमार व संयोजक सतपाल अहलावत ने धरनास्थल पर जाकर बातचीत की। इसके उपरांत उन्होंने सीटीएम डॉ. अनमोल से इस विषय पर बातचीत की। सीटीएम ने कहा कि उच्चाधिकारियों से बात करके निर्णय लेंगे। सतपाल अहलावत ने कहा कि हम बच्चों के साथ हो रहे इस अन्याय के विरोध में बच्चों के साथ हैं। इस अवसर पर महासचिव प्रेम गौतम, मंजीत दहिया, राहुल गुलिया, देवेंद्र गौतम, ममता सरोहा मौजूद रहे।
यह बोले अभिभावक
बच्चों के दाखिले को लेकर अभिभावकों के साथ 21 दिन से संघर्ष कर रहे हैं। डीसी, एडीसी, डीईओ कार्यालय व निजी स्कूलों में प्रदर्शन कर चुके हैं। प्रशासनिक अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे। यही कारण है कि निजी स्कूल आदेशों की अवहेलना कर दाखिले से इनकार कर रहे हैं। लघु सचिवालय के बाहर पाठशाला शुरू की है। अब दाखिले मिलने तक यहीं बच्चों को पढ़ाएंगे और विरोध दर्ज करवाएंगे।
- प्रवेश कुमारी, उपाध्यक्ष, छात्र-अभिभावक संघ
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मेरी बेटी गरिमा तीसरी कक्षा में पढ़ती है। मूल्यांकन परीक्षा में उसे लिटिल एंजल्स स्कूल अलॉट किया गया था। स्कूल के अनेक चक्कर लगाए, लेकिन आज तक दाखिला नहीं मिला। बेटी के भविष्य को लेकर चिंता हो रही है।
- सोनिया, पटेल नगर
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मेरा बेटा नैतिक दूसरी कक्षा में पढ़ता है। 134ए के तहत ली गई मूल्यांकन परीक्षा पास करने के बाद उसे जो स्कूल अलॉट किया गया, उसमें दाखिले को लेकर चक्कर लगवा रहे हैं, पर दाखिला नहीं मिला।
- मालती, मोहन नगर
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मेरा बेटा संयम दूसरी कक्षा में पढ़ता है, जिसके दाखिले के लिए काम-धंधा छोड़कर रोजाना धक्के खा रहे हैं। 21 दिन बाद भी बेटे को दाखिला नहीं मिला है। अगर दाखिला देना ही नहीं था तो पहले ही मना कर देते। ऐसे धक्के तो न खाने पड़ते।
- कुलदीप, अकबरपुर बारोटा
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नियम 134ए के तहत जब बच्चों के दाखिले देने ही नहीं है तो क्यों यह नियम बनाया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों की ढिलाई के कारण ही निजी स्कूल इस प्रकार नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। यही कारण है कि अभिभावकों को इस कदर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।
- शालिनी, अकबरपुर बारोटा
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मैं आठवीं कक्षा में पढ़ती हूं। इस बार आठवीं के बोर्ड पेपर होने की बात कही जा रही है, लेकिन मेरा अभी तक दाखिला नहीं हो पाया है। ऐसी स्थिति में कैसे तैयारी करूं और कैसे परीक्षा दे पाऊंगी।
- राशि, छात्रा
पिछले स्कूल से हमारा एसएलसी निकलवा दिया गया और अब नए स्कूल वाले दाखिला नहीं दे रहे। ऐसे में हमारी पढ़ाई बाधित हो रही है। अधिकारियों से मांग है कि हमारा दाखिला दिलवाया जाए।
- ऋतिका, छात्रा
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यह सब सरकार के उदासीन रवैये के कारण हो रहा है। दिसंबर में दाखिले का कोई औचित्य नहीं है। दाखिले होने पर बच्चे कैसे इतने कम समय में तैयारी कर पाएंगे। बेहतर होता यदि यह दाखिला प्रक्रिया नए शैक्षणिक सत्र से शुरू की गई होती। निजी स्कूल पूरी तरह फीस पर निर्भर रहते हैं, ऐसे में जो फीस तय की गई है, वह भी नहीं मिल रही। ऐसी स्थिति में दाखिले दें भी तो कैसे?
- अजमेर, जिला प्रधान, हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ
वर्जन
नियम 134ए के तहत पात्र विद्यार्थियों को अलॉट स्कूलों में उपस्थिति दर्ज करवाने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जनवरी कर दी गई है। सभी निजी स्कूलों को दाखिले सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पात्र विद्यार्थियों को दाखिले दिलवाए जाएंगे। अभिभावकों को भी शांति बनाए रखनी होगी।
- प्रोमिला भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत

हमें भी दिखला दो स्कूल की डगर....नियम 134ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिला न मिलने पर लघु सचिवालय के बाह- फोटो : Sonipat

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