खरखौदा । दहिया बारह खाप के प्रधान अतर सिंह ने शुक्रवार को गांव खांडा में बैठक कर किसानों को फसल अवशेष न जलाने के लिए जागरूक किया। इस दौरान फैसला लिया गया कि वह खेतों में फसल अवशेष नहीं जलाएंगे। साथ ही अन्य किसानों को भी ऐसा न करने के लिए जागरूक करेंगे।
अतर सिंह ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से वायु प्रदूषण के साथ मिट्टी को भी नुकसान पहुंचता है। अवशेष को आग लगाने से मित्र कीट भी मर जाते हैं। ऐसे में किसानों को चाहिए कि वह पराली न जाएं। साथ ही बैठक में यह भी मांग उठाई गई कि सरकार किसानों को प्रति एकड़ पराली के बदले 2500 रुपये देने का काम करे।
सभी लोगों को संकल्प दिलाया गया कि फसल अवशेष जलाने पर रोक लगाने के लिए घर-घर जाकर किसानों को जागरूक करेंगे। खेत में पराली जलाने से किसानों को भी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। ऐसे में किसानों को जागरूक करना आवश्यक है। बैठक में जगदीश, राजसिंह, बालकिशन, संदीप, दीपक, मंजीत, चंद्र सिंह, सत्यवान व संजय मौजूद रहे।
फसल अवशेष प्रबंधन... 30 सितंबर तक कृषि यंत्र खरीदने की मिली छूट
सोनीपत। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों को बड़ी राहत मिली है। कृषि विभाग ने सब्सिडी पर मिलने वाले आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद की अंतिम तिथि 25 से बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी है। इसके चलते किसानों को केंद्र सरकार की तरफ से हाल ही में की गई जीएसटी कटौती का लाभ मिलेगा। विभाग ने किसानों को निर्देश दिए हैं कि वह खरीदे गए यंत्रों के बिल 5 अक्तूबर तक पोर्टल पर अपलोड करें।
सितंबर-अक्तूबर में धान की फसल पकने के बाद खेतों में अवशेष जलाने की घटनाएं होती हैं। इसके वायु और भूमि प्रदूषण बढ़ता है। इस समस्या से निपटने के लिए कृषि विभाग किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन वाले यंत्र 50 फीसदी सब्सिडी तक उपलब्ध करवा रहा है। जिले के 1900 किसानों ने इसके लिए आवेदन किया था।
तीन अगस्त को ड्रॉ प्रक्रिया पूरी की गई जिसमें 645 यंत्रों पर सब्सिडी का निर्णय हुआ। जांच के दौरान 22 आवेदन निरस्त कर दिए गए जबकि 13 आवेदन मिसमैच पाए गए। शेष 610 किसानों के लिए परमिट जारी कर दिए गए हैं। अब किसान 30 सितंबर तक यंत्र खरीदकर 5 अक्तूबर तक बिल अपलोड कर सकते हैं।
किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए विभाग लगातार कारगर कदम उठा रहा है। -नवीन हुड्डा, सहायक कृषि अभियंता, सोनीपत।