सोनीपत। जिले में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब साइबर ठगों ने निजी बैंक कर्मी, युवक और महिला को निशाना बनाया है। निजी बैंक कर्मी के खाते को केवाईसी करने के नाम पर एक लाख, भारतीय सेना कर्मी बनकर युवक को कार बेचने के नाम पर 20149 रुपये और महिला को 20 लाख रुपये की लॉटरी निकलने का झांसा देकर 12200 रुपये की ठगी की गई है। सिविल लाइन, सिटी थाना व बुटाना चौकी पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
पहले मामले में सेक्टर-15 की रहने वाली दिप्ती अरोड़ा ने सिविल लाइन थाना पुलिस को बताया कि वह निजी बैंक में काम करती हैं। उनकी निजी बैंक में एफडी है। 17 जुलाई को उसके पास एक युवक का फोन आया था। उसने उसे बैंक कर्मी बताते हुए कहा कि उनका बैंक खाता केवाईसी नहीं किया गया है। वह अपने खाते को केवाईसी करा लें। युवक ने उससे फोन पर बातचीत करने के साथ ही कुछ मैसेज भी भेजे थे। जिसके बाद उसे ई-मेल से पता लगा कि उसकी एफडी से एक लाख रुपये निकाले गए हैं। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी व अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले के जांच अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि ठगों तक पहुंचने के लिए साइबर टीम की मदद ली जा रही है।
भारतीय सेना कर्मी बनकर ओएलएक्स पर कार बेचने के नाम पर की ठगी
शहर के अशोक विहार के रहने वाले प्रियवर्त ने ओएलएक्स पर एक कार देखकर व्यक्ति से बातचीत की तो उसने खुद को भारतीय सेना का जवान बताया। प्रियवर्त का आरोप है कि भारतीय सेना कर्मी बताने पर वह उसके झांसे में आ गया। बाद में उसने कार बेचने के नाम पर उससे खाते में 20149 रुपये डलवा लिए। उसके बाद आरोपी ने न तो कार दी और न ही उसके पैसे वापस किए। 22 जुलाई को उसे ठगी का पता लगा। जिस पर उसने गोहाना रोड चौकी में अमानत में खयानत व धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले के जांच अधिकारी नवदीप सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है।
20 लाख रुपये की लॉटरी निकलने का झांसा देकर की ठगी
गांव बुटाना की रहने वाली एक महिला को 20 लाख रुपये की लॉटरी निकलने का झांसा देकर ठगी की गई है। सविता ने बुटाना चौकी पुलिस को बताया कि उसके पास एक नंबर से कॉल आई थी। फोन करने वाले ने बताया कि उनकी 20 लाख रुपये की लॉटरी लगी है और इसकी राशि प्राप्त करने के लिए उसे एक बैंक खाते में 12200 रुपये डालने को कहा। जिस पर उसने खाते में नकदी डाल दी और उसके बाद में उसे न तो इनाम की राशि मिली और उसके 12200 रुपये भी चले गए। इस मामले के जांच अधिकारी सतपाल सिंह ने बताया कि धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है। उसे पास जिस नंबर से फोन आया था उसकी डिटेल निकाली जा रही है।
वर्जन
साइबर ठग लोगों को झांसे में लेकर ठगी की वारदात करते हैं। किसी भी अनजान व्यक्ति से अपने बैंक खाते से संबंधित जानकारी सांझा न करें। कोई जानकारी देनी है तो संबंधित बैंक में जाकर ही दें। इससे ठगी से बचा जा सकता है। पुलिस ठगों तक पहुंचने के लिए साइबर टीम की मदद ले रही है। जल्द ठगों का पता लगाकर गिरफ्तार किया जाएगा।
डॉ. रवींद्र कुमार, डीएसपी सिटी सोनीपत।