सोनीपत। प्रदेश सरकार की तरफ नागरिकों के स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए जिले के विभिन्न गांवों में व्यायामशाला बनाई गई थी। इनमें योग प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई थी, ताकि वह नागरिकों को योग कराकर बेहतर स्वास्थ्य व सही जीवन शैली की तरफ ले जा सकें। इसके विपरीत अब इन व्यायामशालाओं में अव्यवस्थाएं हावी हैं। गांव रोहट स्थित व्यायामशाला की बात करें तो यहां के हालात बदतर हो चुके हैं। यहां पेयजल तक की सुविधा नहीं है।
गांव रोहट स्थित व्यायामशाला में अव्यवस्थाएं इस कदर हैं कि यहां पर मैदान में कई फुट झाड़ियां उगी हुई हैं। व्यायामशाला में एक तरफ की दीवार तक गिर चुकी है। इसके बावजूद व्यायामशाला की कोई सुध लेने वाला नहीं है। व्यायामशाला में देखरेख के अभाव में नक्शा ही बदल गया है। कहीं फर्श टूटे पड़े हैं तो कहीं व्यायामशाला परिसर में झाड़ियां उगी हुई हैं। पंचायती राज विभाग की तरफ से व्यायामशाला में निर्माण किया गया था। इसके बाद इन्हें आयुष विभाग के सुपुर्द कर दिया गया था। इसके लिए विभाग ने यहां योग प्रशिक्षक की भी नियुक्ति की थी। व्यायामशाला में बनाए गए शौचालयों की स्थिति इतनी बदतर है कि यहां हर तरफ गंदगी फैली हुई है। शौचालय के दरवाजे तक टूट कर गिर चुके हैं। वहीं, दूसरी तरफ योग कराने के लिए बनाए गए शेड के टीन चारों तरफ बिखरे पड़े हैं। स्थिति यह हैं कि योग प्रशिक्षकों को यहां योगाभ्यास कराने में डर लगता है।
एक-दूसरे पर टाल रहे अधिकारी
पंचायती राज विभाग व आयुष विभाग के अधिकारी व्यायामशाला को दुरुस्त किए जाने की बात पूछने पर एक-दूसरे पर टाल रहे हैं। पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता कुलबीर फोगाट से बात करने पर उन्होंने कहा कि हमने व्यायामशाला का निर्माण कर आयुष विभाग के सुपुर्द कर दिया है। अब जिम्मेदारी आयुष विभाग की है। आयुष विभाग के जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. बलविंद्र सिंह का कहना है कि व्यायामशाला में विभाग की तरफ से केवल योग प्रशिक्षक नियुक्ति किए जाते हैं। मरम्मत कार्य की जिम्मेदारी पंचायती राज विभाग की है। दोनों विभागों के बीच परेशानी ग्रामीणों को हो रही है।