सोनीपत के गोहाना क्षेत्र के थाना बरोदा के गांव छिछड़ाना में पंचायती चुनाव से दो दिन पहले सरपंच प्रत्याशी की गोली मारकर हत्या करने व बेटे को घायल करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी गांव बरोणा निवासी जितेंद्र उर्फ अपिल व गांव छिछड़ाना निवासी प्रिंस हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेशकर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
गांव छिछड़ाना निवासी राहुल ने बरोदा थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनके पिता दलवीर सरपंच का चुनाव लड़ रहे थे। 9 नवंबर की रात को उनके पिता के पास गांव के तस्वीर का फोन आया और कहा कि पूर्व सरपंच संदीप ने चुनावी समीकरण पर चर्चा के लिए बुलाया है। जिस पर वह तथा उनके पिता स्कूटी पर तस्वीर की बैठक (कमरा) में पहुंचे। जहां अशोक, अमित, आदित्य व तस्वीर शराब पीते हुए मिले।
उन्होंने उनके पिता को जाति से अवाज देकर कहा कि गांव में सरपंची करनी है या जिंदा रहना है। तस्वीर ने कहा कि राजू ठेकेदार का आदेश है कि दलवीर को खत्म कर दो। दलवीर और उसके बेटे ने वहां हथियार देखे तो वह स्कूटी लेकर वापस जाने लगे। उसी समय हथियार लेकर भोलू, अमित, वीरेंद्र समेत 10-15 लोग पहुंचे और गोलियां बरसानी शुरू कर दी।
दलवीर गोली लगने के बाद मौके पर गिर गया, जबकि राहुल दो गोली लगने से घायल हो गया था। राहुल घर की तरफ दौड़ा तो रास्ते में चाचा राजेश और चचेरा भाई साहिल आते मिले। वह वापस घटनास्थल पर गए और दलवीर को उठाकर भगत फूल सिंह राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल ले गए। वहां पर उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
दलबीर को आठ गोलियां मारी गई थी। राहुल की शिकायत पर पुलिस ने तस्वीर, अशोक, अमित, आदित्य, संदीप, राजू ठेकेदार, भोलू, अमित, पप्पू, प्रदीप, मंजीत, राकेश, मीता के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। आरोपियों ने हत्या के बाद सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल करते लिए लिखा था, भाई की हत्या का बदला ले लिया। अब पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
बैरागी परिवार से संबंधित था मृतक दलवीर
गांव में सरपंच पद के लिए चार प्रत्याशी थे। जिसमें से दलवीर बैरागी परिवार से संबंध रखता था। हत्या के दौरान आरोपियों ने ये कहकर गोली चलाई थी कि तू जाटों के गांव में सरंपच बनेगा। इतना ही नहीं पंचायत चुनाव में दलवीर दूसरे नंबर पर रहा और राजू गांव का सरपंच बना।
गांव छिछड़ाना में सरपंच प्रत्याशी की हत्या के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी जितेंद्र और प्रिंस हत्या की साजिश में शामिल थे। उन्होंने आरोपियों से कहा था कि हत्या के बाद वह उनको छिपने के लिए पनाह देंगे। इसी गांव के आशीष की लगभग छह साल पहले हत्या हुई थी। आशीष भोलू का दोस्त था। आशीष की हत्या का दलवीर पर भी आरोप लगा था। उसी रंजिश में भोलू और दूसरे लोगों ने दलवीर की हत्या की। आरोपियों को अदालत में पेेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान आरोपियों से वारदात में शामिल अन्य आरोपियों का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा।
- रमेश, थाना प्रभारी, बरोदा