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घर बैठे कमाने के सपने दिखा ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़

Sun, 05 Feb 2017 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
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गन्नौर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य। - फोटो : bureau
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नोएडा में दो दिन पहले अरबों रुपये की ठगी करने का मामला लोगों की जुबान था कि अब गन्नौर में भी लोगों से लाखों रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। घर बैठे नकदी कमाने का सपना दिखाकर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को काबू किया है। आरोपी नोट्स लिखवाने के बहाने लोगों से नकदी ठगते थे। गिरफ्तार आरोपी पानीपत के शांति नगर के रहने वाले गुरमीत व उपेंद्र है। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है ताकि इनके साथियों का पता लगाकर उन्हें काबू किया जा सके। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी यूपी के बरेली के साथ ही करनाल, पानीपत, समालखा में भी इस तरह का रैकेट चला चुके हैं।
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गन्नौर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि कई स्थानों पर ठगी कर चुके गिरोह के सदस्य अब सोनीपत के गन्नौर में पांव जमाना चाहते हैं। आरोपी अलग-अलग नाम से जाली कंपनियों के नाम पर संस्थान खोलकर लोगों को ठगते हैं। गन्नौर में उन्होंने जीटी रोड पर जीई प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम से कार्यालय बनाया है। सूचना के बाद गन्नौर जीटी रोड चौकी प्रभारी बीर सिंह के निर्देश पर सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्यालय पर छापामार कार्रवाई की। पुलिस ने वहां से जाली मोहर व अन्य कागजात बरामद किए। पुलिस ने वहां से गुरमीत व उपेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड अवधि में उनके साथियों का पता लगाने के साथ ही पहले किए गए ठगी के मामलों का भी पता लगाया जाएगा।
ऐसे करते थे ठगी
जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य इश्तिहार के माध्यम से लोगों को घर बैठे पैसे कमाने का झांसा देते थे। जब कोई इनसे संपर्क करता था तो यह कहते थे कि वह विद्यार्थियों के पढ़ने के लिए नोट्स लिखवाने का कार्य करते हैं। नोट्स गिरोह द्वारा दी गई किताब में से तैयार करने होते थे। इसकी एवज में गिरोह हजारों रुपये देने की पेशकश करता था। हालांकि वह सिक्योरिटी के नाम नोट्स लिखने के लिए संपर्क करने वालों से नकदी जमा कराता था। इसमें शपथ पत्र लिया जाता था कि अगर समय पर नोट्स नहीं दिए तो सिक्योरिटी की राशि जब्त कर ली जाएगी। ऐसे में यह नोट्स लिखने वाले की राशि को अपने पास ही रख लेते थे। जब कोई उनसे नोट्स लिखने के बदले राशि की मांग करता तो यह उनके नोट्स में कमी निकाल देते थे और कहते थे समय पूरा होने के चलते अब जिन्हें नोट्स उपलब्ध कराने हैं उन्हें जुर्माना देना होगा। इसी तरह यह लोगों से ठगी करते थे।
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कई स्थानों पर ठगी करने के मिले सबूत
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने करनाल, पानीपत व समालखा में फर्जीवाड़ा कर लोगों से नकदी ठगी है। इसके बारे में पुलिस ने सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं। रिमांड अवधि में आरोपियों से इस बारे में पूछताछ की जाएगी।
एक पीड़ित भी आया सामने
पुलिस द्वारा गिरोह पकड़े जाने के बाद एक पीड़ित भी सामने आया है। दिल्ली के नजफगढ़ निवासी धर्मेंद्र ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उससे नोट्स बनाने के नाम पर ठगी कर उसकी सिक्योरिटी के रूप में जमा कराई गई एक लाख 24 हजार रुपये की राशि ठग ली है।
नोट्स तैयार कराने के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोह की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस ने छापेमार कार्रवाई कर दो आरोपियों को दबोचने के साथ ही कई सबूत भी जुटाए हैं। आरोपियों को तीन दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
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देवेंद्र कुमार, थाना प्रभारी, गन्नौर।
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