मुरथल थाना में एएसआई की मौत के मामले में साइबर सेल ने बड़ा खुलासा किया है। साइबर सेल की जांच में सामने आया है कि फेसबुक पर पोस्ट एएसआई के मोबाइल से ही की गई थी। अब पुलिस उसकी मौत के समय को लेकर असमंजस की स्थिति बता रही है। मामले में परिजनों के आरोप और मुरथल थाना की जांच पर संदेह के चलते मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। अब क्राइम ब्रांच, मधुबन इसकी जांच करेगी।
बता दें कि रोहतक के लाढ़ौत रोड के वीरेंद्र हरियाणा पुलिस में एएसआई के पद पर नियुक्त थे। वीरेंद्र फिलहाल लाइन हाजिर चल रहे थे। वह दो मई की रात को मुरथल थाना में अपने कमरे में आए थे। सुबह करीब 10 बजे जब मुंशी उन्हें देखने गए तो वीरेंद्र फंदे पर लटके मिले थे।
उसके सीने में गोली का निशान देखकर मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया था। पुलिस ने इसे आत्महत्या बताकर तड़के करीब तीन बजे आत्महत्या करना स्वीकार किया था। वहीं, पुलिस ने उनकी फेसबुक पर अपडेट किए स्टेटस को आधार मानकर मुंशी के बयान पर आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व नप पार्षद विमल किशोर व उनके साथी राहुल के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज किया था। दोनों ने अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया जहां उन्हें अग्रिम जमानत मिल गई थी।
साइबर सेल ने की जांच
साइबर सेल में जांच के लिए पहुंचे मामले में साइबर टीम ने अपनी रिपोर्ट मुरथल थाना पुलिस को सौंप दी। इसमें विरेंद्र सिंह के मोबाइल से ही फेसबुक पर अपडेट की बात कही गई है। अब सवाल उठता है कि जब अपडेट विरेंद्र के मोबाइल से की गई तो उनकी मौत का समय क्या था। इसे लेकर पुलिस का कहना है कि उनकी मौत सुबह ही हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत चार से 12 घंटे के बीच हुई बताई गई है। इससे एक बार फिर इस मामले में असमंजस बन गया है। इसे लेकर एएसआई वीरेंद्र के बेटे नितिन ने पहले ही सवाल खड़ा कर दिया था। यहां तक की नितिन ने कहा था कि उनके पिता महज दसवीं कक्षा उत्तीर्ण थे। उन्हें अच्छी तरह से अंग्रेजी भी नहीं आती थी। ऐसे में अंग्रेजी के बेहतर शब्दों में स्टेटस अपडेट भी उनके मन में शंका खड़ी कर रही है।
मुरथल पुलिस की जांच में संदेह
मुरथल पुलिस के जांच में संदेह के चलते अब मामले की जांच क्राइम ब्रांच, मधुबन की टीम को सौंप दी गई है। यहां से वीरेंद्र की मौत की फाइल को मधुबन भेज दिया गया है। अब क्राइम ब्रांच ही इस मामले से पर्दा उठाएगी।
परिजनों को भी जगी न्याय की आस
वीरेंद्र सिंह के परिजनों को भी मामले की अब तक सच्चाई सामने आने का इंतजार है। परिजनों का कहना है कि वे पहले दिन से ही जांच से संतुष्ट नहीं थे। उन्हें क्राइम ब्रांच से मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है, जिससे वीरेंद्र की मौत की गुत्थी को सुलझाया जा सके।
वीरेंद्र के मोबाइल की साइबर सेल से जांच कराई गई। इसमें उनके मोबाइल से ही फेसबुक से अपडेट की पुष्टि हुई है। उनकी मौत भी सुबह के समय ही हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में समय नहीं खोला गया है। उसमें मौत चार से 12 घंटे के बीच बताई गई है। अब मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।
-कुलदीप सिंह, जांच अधिकारी, एसआई
एएसआई की मौत के मामले में हर पहलू पर जांच की गई। साइबर सेल से भी जानकारी जुटाई गई है। अब मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। मामले से जुड़े सभी कागजात टीम को भेजे गए हैं। पुलिस मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए कृत संकल्प है।
-मुकेश कुमार, डीएसपी