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Sonipat: चिकित्सक पोते को विदेश भेजने के नाम पर अधिवक्ता से ऐंठे 19.50 लाख रुपये, दिल्ली निवासी पर केस दर्ज

Sun, 19 Feb 2023 12:11 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत

सार

मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मेडिकल सेंटर में बेटे डॉ. रविंद्र दहिया के साथ रहने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता नफे सिंह दहिया से पोते को विदेश भेजने के नाम पर साढ़े 19 लाख रुपये ऐंठ लिए गए।
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सोनीपत पुलिस। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सोनीपत नागरिक अस्पताल में अनुबंध आधार पर कार्यरत चिकित्सक को विदेश भेजने के नाम पर उनके अधिवक्ता दादा से साढ़े 19 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। कोरोना काल से पहले रुपये लेने के बाद भी जब पोते को विदेश नहीं भेजा गया तो वरिष्ठ अधिवक्ता ने रुपये वापस मांगे। जिस पर रुपये देने की बजाय धमकी दी गई। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता ने तत्कालीन एसपी कार्यालय में शिकायत दी। जिसके बाद अब सिविल लाइन थाना पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने धोखाधड़ी व अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मेडिकल सेंटर में बेटे डॉ. रविंद्र दहिया के साथ रहने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता नफे सिंह दहिया से पोते को विदेश भेजने के नाम पर साढ़े 19 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में अधिवक्ता ने बताया कि उनका बेटा डॉ. रविंद्र दहिया मुरथल विवि व पुत्रवधू डॉ. गीता दहिया नागरिक अस्पताल में चिकित्सक है। उनका पौत्र डॉ. पार्थ दहिया भी वर्ष 2019 में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद नागरिक अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर (अनुबंध आधार) के तौर पर कार्यरत हैं। दिसंबर 2019 में उन्हें पता लगा कि दिल्ली निवासी मंदीप आनंद दिल्ली के जनकपुरी में स्प्रिंग ट्रैवल प्राइवेट लिमिटेड के नाम से इंग्लैंड व अन्य देशों में युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए भेजता है। वह भी अपने पोते डॉ. पार्थ को विदेश भेजना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने मंदीप आनंद से संपर्क किया। मुलाकात के दौरान उसने आश्वस्त किया कि वह उनके पोते डॉ. पार्थ को लंदन में मेडिसिन के क्षेत्र में अच्छे विश्वविद्यालय में दाखिला दिला देगा और उसे रेजीडेंसी वीजा भी दिलाएगा।

इसके बाद मंदीप ने उन्हें दिल्ली की पारुल बंसल से भी मिलवाया था। दोनों ने उनके पोते को लंदन भेजने के लिए 30 लाख रुपये की मांग की। इसके बाद मंदीप आनंद सोनीपत आकर उनसे मिला और कागज आदि तैयार करने के नाम पर 2 लाख रुपये और उसके पोते के कुछ कागजात आदि लेकर चला गया। बाद में आरोपी ने विश्वविद्यालय की फीस, वीजा फीस के लिए रुपये मांगे। इसके बाद उसने 3 जनवरी 2020 को पारुल बंसल के आंध्रा बैंक शाखा के खाते में अपने मॉडल टाउन सोनीपत स्थित बैंक से 12 लाख 50 हजार रुपये भेज दिए। इसके बाद 5 लाख रुपये 2 मार्च 2020 को मंदीप आनंद के खाते में भेजे गए। बाद में पारुल बसंल ने 17 फरवरी 2020 को उनके खाते में साढ़े 4 लाख रुपये वापस भेज दिये। हालांकि बाद में मंदीप सिंह ने बाद में यह राशि उससे नकद लेकर चला गया। उसके बाद फिर से उन्होंने और नकदी देने की मांग की। जिस पर उन्होंने पोते को विदेश भेजने के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी तो बोले की देश में कोरोना के चलते लॉकडाउन लग गया है। मंदीप आनंद लॉकडाउन का बहाना बनाने लगा। बाद में लॉकडाउन की समाप्ति के बाद भी पोते डॉ. पार्थ को इंग्लैंड भेजने के नाम पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। न ही कोई कागजात दिखाये और न ही उस विश्वविद्यालय की जानकारी दी जहां दाखिला कराना है।
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उन्होंने अपनी पुत्रवधू को अवगत कराया तो उन्होंने अपने स्तर पर जांच की। जिस पर पता लगा कि मंदीप आनंद पहले भी लोगों को ठगने का कार्य करता रहा है। उसके खिलाफ दिल्ली पुलिस अपराध शाखा में अंतरराष्ट्रीय विमान कंपनियों ने 120 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करा रखा है। जिस पर अब सिविल लाइन थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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ऑनलाइन 590 रुपये के कपड़े मंगवाएं, हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करते ही खाते से उड़े एक लाख 
सोनीपत में गोहाना के महमूदपुर रोड की रहने वाली युवती को ऑनलाइन कपड़े मंगवाने के नाम पर एक लाख रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

महमूदपुर रोड निवासी उर्वशी ने सिटी थाना गोहाना पुलिस को शिकायत दी है कि 10 फरवरी को मीशो एप से 590 रुपये के कपड़ों की खरीद का ऑनलाइन ऑर्डर किया था। उनके पास 15 फरवरी को मैसेज आया कि आपका ऑर्डर डिलीवर कर दिया गया है। उर्वशी ने बताया कि उन्हें कपड़ों की डिलीवरी नहीं मिली थी। जिस पर उन्होंने कंपनी का हेल्पलाइन नंबर देखकर बात की। वहां से उन्हें बताया गया कि आपकी कॉल वरिष्ठ अधिकारी को ट्रांसफर कर दी है। 16 फरवरी को फिर एक व्यक्ति ने उनसे बात की और कहा कि आपके अकाउंट से 1 रुपया काटा जाएगा। उर्वशी ने बताया कि 17 फरवरी को शाम 7:28 बजे उनके अकाउंट से एक के बाद एक 7 ट्रांजेक्शन कर 99 हजार 993 रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। बैंक से मैसेज आने पर पता लग सका। उर्वशी का कहना है कि उसका गोहाना में पुराना बस स्टैंड पर पंजाब नेशनल बैंक में खाता है। उन्होंने पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
 
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