यूपी और दिल्ली से बनवाए फर्जी कागजात पर रोडवेज में नौकरी कर रहे चार चालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। सीएम फ्लाइंग ने शिकायत के आधार पर इन सभी के कागजात की जांच शुरू की तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। यह चारों पिछले कई साल से रोडवेज में नौकरी कर रहे थे जो अब जांच होने पर पकड़ में आए हैं। पुलिस ने चारों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी। वहीं, रोडवेज मुख्यालय को इसकी रिपोर्ट भेज दी गई है, जिससे उन पर विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
हरियाणा राज्य परिवहन विभाग में 2007-08 में सोनीपत में चालकों के 48 पदों के लिए भर्ती निकली थी। वह भर्ती चार सदस्यों की कमेटी ने की, जिसमें कई चालकों के प्रमाण पत्र फर्जी होने के आरोप लगे थे। इनमें लक्ष्मी नारायण निवासी बारोटा, कृष्ण कुमार निवासी खेड़ी दमकन, सतबीर सिंह निवासी खरखौदा, विजय निवासी खरहर जिला झज्जर थे। इनमें लक्ष्मी नारायण ने इलाहाबाद से जारी हिंदी साहित्य के शैक्षिक प्रमाण पत्र जमा किए थे तो कृष्ण ने माध्यमिक शिक्षा परिषद दिल्ली के प्रमाण पत्र जमा कराए थे। इस मामले में शिकायत आने पर अब सीएम फ्लाइंग की ओर से जांच की जा रही थी, जिसमें पता चला कि यह दोनों ही परीक्षाएं हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी की किसी भी परीक्षा के समकक्ष नहीं हैं। वहीं, चालक सतबीर व विजय के ड्राइविंग लाइसेंस आगरा से बने हुए थे, जिनके बारे में शिकायतकर्ता के आरटीआई से जानकारी मांगने पर वहां से जारी नहीं होने की बात कही गई है। वहीं, उनकी जांच करने पर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी आगरा की ओर से अपने यहां से जारी होने की बात कही गई है। इसके बावजूद इन सभी पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया है, जिनमें से ड्राइविंग लाइसेंसों के मामले में जांच अभी जारी रहेगी। इसके अलावा इन चारों को भर्ती करने वाली कमेटी के सदस्यों के साथ ही बाद में कागजात की जांच करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज करने की बात जांच रिपोर्ट में कही गई है।