अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया की अदालत ने रिश्वत लेने के मामले में दोष साबित होने पर एएसआई व मुख्य सिपाही को चार-चार साल कैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। दोनों पर चोरी का मामला दर्ज करने की एवज में रिश्वत मांगने का आरोप था।
पानीपत के गांव सिवाह निवासी कमल शर्मा ने चार फरवरी, 2015 को विजिलेंस को शिकायत दी थी कि वह टाटा टावर विम की आरएस कंपनी में सिक्योरिटी सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत है। वह सोनीपत व पानीपत में काम देखता है। उसने बताया था कि दो फरवरी, 2015 को उनके मुख्यालय से फोन आया कि गांव चिड़ाना का टावर बंद है। उसने मौके पर जाकर देखा तो पाया था कि टावर से बैटरी के 10 सेल व एक डीजी बैटरी गायब था। इस पर वह मुंडलाना पुलिस चौकी में गया था। वहां पर मुंशी ने उसे एक दिन बाद आने को कहा था। जब वह तीन फरवरी, 2015 को एफआईआर दर्ज कराने के लिए चौकी प्रभारी बिजेंद्र से मिला तो उसने एफआईआर दर्ज कराने की एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
विजिलेंस को दी थी शिकायत
इस पर कमल शर्मा ने राज्य चौकसी ब्यूरो (विजिलेंस) के सोनीपत कार्यालय में निरीक्षक राजीव कुमार को मामले से अवगत कराया था। विजिलेंस टीम ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी थी। इस पर नायब तहसीलदार बंसी लाल को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। साथ ही विजिलेंस की टीम में प्रभारी राजीव सोनी, एएसआई पवन कुमार, हेड कांस्टेबल रोहित, नेत्रपाल व कांस्टेबल सुरजीत व अंजीत को शामिल किया गया था। कमल ने जैसे ही रिश्वत की राशि बिजेंद्र को दी तो उसने नकदी लेकर हवलदार हरविंद्र को दे दी थी। इस पर कमल ने टीम को इशारा कर दिया था और दोनों को काबू कर लिया गया था। जहां उन्हें अदालत में पेश कर दिया था। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद दोनों को दोषी करार दिया है। दोनों को चार-चार कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
रिश्वत मांगे तो इन नंबरों पर करें शिकायत
भ्रष्टाचार को किसी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। अगर कोई रिश्वत की मांग करता है तो उसके बारे में टोल फ्री नंबर-1604 तथा 1800-1802022 पर जानकारी दें। साथ ही विजिलेंस एसपी के मोबाइल नंबर 9050028244, डीएसपी के नंबर 9050008241 तथा निरीक्षक के नंबर 9050910572 पर सूचना दी जा सकती है।
-राजीव कुमार सोनी, निरीक्षक विजिलेंस