सेक्टर-13 में लगभग दो सप्ताह पहले हुई इंजीनियर की हत्या के मामले में सीआईए पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। इस मामले में पुलिस ने टिकरी बॉर्डर से पांच आरोपियों को काबू किया है, जिनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त अवैध हथियार और गाड़ी भी बरामद कर ली है। पांचों आरोपियों को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया जा रहा है कि यह वारदात मुख्य आरोपी ने अपनी मां के साथ अवैध संबंधों के शक के चलते अंजाम दी थी।
शुक्रवार को ही डीआईजी हरदीप सिंह दून ने पत्रकारवार्ता कर इस संबंध में जानकारी दी। डीआईजी ने इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करने पर सीआईए प्रभारी इंदीवर और उनकी टीम को शाबाशी देते हुए विभाग की ओर से इनाम दिलवाने की घोषणा भी की।
आरोपियों की पहचान विशाल निवासी काकड़ा रसूलपुर जिला मुज्जफरनगर यूपी हाल विकास नगर ककरोई रोड सोनीपत, मोहित निवासी सेेक्टर-17 रोहणी दिल्ली, अमरदीप उर्फ सोनू निवासी देवडू रोड सोनीपत, नवीन उर्फ पिंकू निवासी कलावड़ व सतीश उर्फ बूचा निवासी इस्माइला जिला रोहतक के रूप में हुई है।
विशाल के घर था राहुल का आना-जाना
पुलिस के अनुसार, वारदात का मुख्य आरोपी विशाल है। विशाल के घर राहुल का आना-जाना था। उसने कई बार राहुल को घर पर आने-जाने को लेकर टोका भी था। विशाल के अनुसार, उसे शक था कि राहुल के उसकी मां के साथ अवैध संबंध हैं। इसी शक की वजह से उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर राहुल की हत्या का प्लान बनाया और आठ मई को वारदात को अंजाम दिया।
फोन कर बुलाया, तीन गोलियां मारी
बताया गया है कि विशाल ने ही फोन कर राहुल को बुलाया था। वह अपने दोस्तों के साथ बोलेरो गाड़ी में सवार था। राहुल के साथ उसकी पहले भी कहासुनी हुई थी। राहुल पर दो फायर 35 बोर की पिस्तौल से और एक फायर 315 बोर के पिस्तौल से किया गया। बता दें कि लगभग 6 माह पहले पुलिस लाइन के पास एक युवक पर चाकुओं से हमला किए जाने के मामले में भी विशाल आरोपी था और उस मामले में वह गिरफ्तार हो चुका था।
गाड़ी ने पकड़वाए आरोपी
जिस गाड़ी में सवार होकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था, उसी के कारण आरोपी पकड़ में आए। हत्याकांड की जांच कर रही सीआईए पुलिस के नोटिस में आया कि सोनू नाम का एक युवक तीन मई से देवड़ू रोड से अपने जीजा की गाड़ी लेकर फरार है। इसके बाद तार जुड़े तो पता चला कि सोनू राहुल के किसी दोस्त का दोस्त है। इसके बाद पुलिस ने गाड़ी का सुराग लगाया।
पहले से शक पूछताछ में सब उगला
गाड़ी गायब होने के बाद से ही पुलिस को राहुल के दोस्त विशाल और सोनू पर शक था। इसी दौरान सूचना मिली कि टिकरी बॉर्डर के पास बोलेरो गाड़ी में कुछ युवक अवैध हथियार सहित पहुंचने वाले हैं। सूचना के आधार पर सीआईए ने रेड की और गाड़ी को रुकवाकर युवकों को काबू कर लिया। इन्होंने अपनी पहचान उक्त विशाल, मोहित, अमरदीप उर्फ सोनू, नवीन उर्फ पिंकू और सतीश उर्फ बूचा के तौर पर दी। इनके कब्जे से पुलिस ने दो अवैध देसी पिस्तौल व पांच कारतूस, मोहित के पास से एक देसी पिस्तौल और एक कारतूस मिला। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने राहुल की हत्या की बात कबूल की।
ये था मामला
आठ मई को सेक्टर-13 में गेटवे इंटरनेशनल स्कूल के सामने मुख्य मार्ग पर कार सवार युवक की हत्या कर दी गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त राहुल निवासी औरंगाबाद के तौर पर की। पेशे से सिविल इंजीनियर राहुल को तीन गोलियां मारी गई थीं। घर से एक घंटे पहले वह काम पर जाने के नाम पर निकला था। आसपास से पता चला कि राहुल की हत्या करने वाले बोलेरो में सवार होकर आए थे। राहुल के पिता धर्मपाल की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।