सोनीपत। हरियाणा एग्रो में परचेज इंचार्ज के पद पर नियुक्त सुभाष के आत्महत्या मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि सुभाष के पास सिक्योरिटी एजेंसी के माध्यम से लगे सात कर्मचारी एक सीपीएस के नाम पर उसे धमकी देते थे।
उन्होंने ही सुभाष को धोखाधड़ी के मामले में फंसा रखा था। उनकी प्रताड़ना से तंग आकर सुभाष ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने इस मामले में सुभाष की पत्नी की शिकायत पर सात के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले में सीपीसी पर लगे आरोपों की भी जांच करेगी। वहीं, मामले को लेकर सिविल अस्पताल में दिनभर गहमागहमी की स्थिति रही। युवक के परिजनों ने सीपीएस के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पोस्टमार्टम के बाद शव लेने से मना कर दिया। डीएसपी ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाया, जिसके बाद ही वह शांत हो सके।
गांव मुरथल निवासी सुभाष (35) करनाल में हरियाणा एग्रो में परचेज इंचार्ज के पद पर थे। शनिवार रात उसने सोनीपत में पुरखास रोड पर जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई थी। आसपास के लोगों ने सूचना उसके परिजनों को दी। उसे निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी। सिटी थाना पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी थी। रविवार सुबह पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव उठाने से मना कर दिया। उन्होंने मामले में एक विधायक एवं सीपीएस पर आरोप लगाया कि उनके नाम पर सात युवक सुभाष को प्रताड़ित करते थे। इससे तंग आकर उसने आत्महत्या की है। पुलिस ने सुभाष की पत्नी नीतू के बयान पर सुभाष के पास सिक्योरिटी एजेंसी की तरफ से कार्यरत सात युवकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज किया गया है। इनमें गुरजीत, सोमदत्त, रविदत्त, सुनील, कुलदीप, नरेश पाल और राजकुमार को नामजद किया गया है।
परिजनों ने जमकर काटा बवाल, शव लेने से किया मना
रविवार सुबह की सुभाष के परिजन सामान्य अस्पताल में उसका शव लेने पहुंच गए थे। शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उन्होंने सीपीएस व अन्य के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने की मांग करते हुए शव लेने से मना कर दिया। सिटी थाना प्रभारी राजपाल ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़े रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस विधायक का नाम आने के बाद कार्रवाई से पीछे हट रही है।
डीएसपी के आश्वासन पर हुए शांत
तीसरे पहर डीएसपी मुकेश जाखड़ सामान्य अस्पताल में पहुंचे। उन्होंने परिजनों के आरोपों की निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन दिया। कहा कि किसी के साथ नाइंसाफी नहीं होगी। इस पर परिजनों ने सीपीएस का नाम एफआईआर में जोड़ने की बात कही। डीएसपी ने कहा कि पुलिस पूरी तरह से कानून के तहत कार्रवाई करेगी। अगर कोई दोषी है तो बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद परिजनों ने दोबारा शिकायत दी और शव लेकर गए।
सुभाष के खिलाफ दर्ज है धोखाधड़ी की शिकायत
सुभाष के खिलाफ करनाल में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। इसमें उन पर गोदाम व पेट्रोल पंप में धोखाधड़ी का आरोप है। इन आरोपों में सुभाष ने अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका लगाई थी, जो शनिवार को खारिज हो गई थी।
पिता की मौत के बाद मिली थी नौकरी
सुभाष के पिता सूरजभान हरियाणा एग्रो में नियुक्त थे। उनकी मौत के बाद ही उनके स्थान पर सुभाष को हरियाणा एग्रो में नौकरी मिली थी। वह कुछ माह पहले ही मुरथल से तबादला होकर करनाल गए थे। उनके पास बल्ला व जुंडला मंडी में दो गोदाम व एक पेट्रोल पंप के परचेज इंचार्ज का कार्यभार था। पिछले दिनों उन पर धोखाधड़ी के आरोप लगने के बाद उन्हें निलंबित किया गया था। सुभाष के पास एक बेटा व एक बेटी है। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
वर्जन
सुभाष नाम के युवक ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली है। उसके परिजनों ने सात लोगों पर उसे आत्महत्या के लिए विवश करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने सातों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। मामले में सीपीएस का नाम भी सामने आया है, जिसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही मामले में पर्दा उठाया जा सकेगा।
- मुकेश कुमार, डीएसपी मुख्यालय