बिजली विभाग के राई सब डिवीजन के एक एसडीओ को 20 हजार रुपये की रिश्वत के साथ जिला विजिलेंस टीम ने रंगें हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि एसडीओ खेवड़ा के एक व्यक्ति से नाथूपुर स्थित एक प्लॉट में बिजली का अस्थाई कनेक्शन देने की एवज में रिश्वत मांग रहा था। विजिलेंस टीम ने एसडीओ के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
गांव खेवड़ा निवासी जोगेंद्र ने विजिलेंस को दी शिकायत में बताया कि उसका गांव नाथूपुर में प्लॉट है। वहां पर वह अस्थाई रूप से बिजली का कनेक्शन लेना चाहता था। ताकि वहां पर काम शुरू किया जा सके। उसने आरोप लगाया कि जब वह कनेक्शन लेने राई सब डिवीजन के एसडीओ कुलदीप से मिला तो उसने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। जिस पर उसने विजिलेंस में इसकी शिकायत दी।
विजिलेंस अधिकारी ने उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। विजिलेंस ने एसडीओ के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया। जिसके बाद बीडीपीओ मुरथल सुरेश को ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पंचायत सचिव जलजीत को शैडो विटनेस बनाया गया।
इसके बाद विजिलेंस निरीक्षक राजीव सोनी के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। टीम में एसआई राममेहर, एएसआई पवन कुमार और राजेंद्र, हवलदार रोहित, नेत्रपाल और अंजीत को शामिल किया गया। सोमवार को जब जोगेंद्र ने एसडीओ को राई सब डिवीजन कार्यालय में रिश्वत की राशि दी तो इसी दौरान विजिलेंस की टीम ने छापा मारकर उसे काबू कर लिया।
पुलिस ने आरोपी को सिविल अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। विजिलेंस की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है।