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दलित युवक की हत्या, शव रखकर लगाया जाम

Sun, 22 Nov 2015 12:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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ककरोई रोड स्थित गढ़ी घसीटा में शुक्रवार देर शाम एक युवक द्वारा चाकू मारने पर घायल हुए चार लोगों में से एक दलित युवक ने देर शाम रोहतक पीजीआई में दम तोड़ दिया। शव सोनीपत पहुंचा तो परिजनों ने दोपहर बाद 3 बजे के करीब ककरोई चौक पर जाम लगा दिया। प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी लगभग 3 घंटे तक जाम नहीं खोला। परिजन जब शव को उठाकर गीता भवन चौक लगे तो पुलिसकर्मियों ने बल प्रयोग करते हुए रोकने की कोशिश की। इस दौरान धक्कामुक्की भी हुई, लेकिन परिजन लोगों की मदद से शव को गीता भवन चौक लाने में कामयाब रहे। इसके बाद शव रखकर गीता भवन चौक पर जाम लगा दिया गया। लगभग एक घंटे बाद मौके पर पहुंचीं कैबिनेट मंत्री ने जब मुआवजा और नौकरी का आश्वासन दिया तब जाकर जाम खुला।
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शुक्रवार देर शाम ककरोई रोड पर गढ़ी घसीटा निवासी बॉबी द्वारा चाकू मारे जाने पर घायल हुए चार लोगों में से सुशील की देर रात रोहतक पीजीआई में मौत हो गई थी। शनिवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले किया गया था। शव लेकर सोनीपत पहुंचे परिजनों ने लगभग 3 बजे शव को ककरोई चौक पर रखकर जाम लगा दिया। परिजनों ने सरकार से मुआवजे और नौकरी की मांग के चलते जाम लगाया था। जाम की सूचना पर सीटीएम सुधांशु गौतम और डीएसपी मुकेश जाखड़ पहुंचे और परिजनों को आश्वासन दिया, लेकिन परिजन मंत्री कविता जैन से मुलाकात करने की मांग पर अड़ गए। इसके बाद शव को लगभग 6 बजे गीता भवन चौक पर लाया गया और जाम लगा दिया। लगभग 7 बजे चौक पर कविता जैन पहुंचीं और परिजनों से बातचीत की। लगभग 20 मिनट तक हुई बातचीत के बाद परिजनों को आश्वासन दिया गया कि परिवार को आर्थिक मदद की जाएगी, मृतक की पत्नी को भी योग्यता के हिसाब नौकरी दिलवाई जाएगी और आरोपी युवक को 24 घंटे में गिरफ्तार किया जाएगा। आश्वासन के बाद ही परिजनों 7 बजकर 22 मिनट पर शव उठाया और जाम खोला।

ककरोई चौक पर किया बल प्रयोग
ककरोई चौक पर जब परिजनों ने जाम लगा रखा था तो मौके पर सीटीएम एवं डीएसपी ने मान-मनौव्वल की कोशिश की थी, लेकिन असफल रहे। परिजन मंत्री से मिलने की मांग पर अड़े थे। लगभग 5.30 बजे परिजनों ने शव को उठाकर गीता भवन चौक ले जाने की कोशिश की तो पुलिस ने शव नहीं उठने देने के लिए बल प्रयोग किया। इस दौरान परिजनों और पुलिस के बीच जबरदस्त धक्का-मुक्की भी हुई। तीन-चार लोग इस धक्कामुक्की में घायल भी हुए, लगभग 3 मिनट की धक्कामुक्की के बाद परिजन जबरदस्ती शव को उठाकर गीता भवन चौक की ओर जाने में कामयाब हुए।
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प्रदेश सरकार मुर्दाबाद के लगे नारे
गीता भवन चौक पर शव रखकर मंत्री से मिलने की मांग पर अड़े परिजनों और अन्य लोगों ने कैबिनेट मंत्री के पहुंचने पर नारेबाजी शुरू कर दी थी और प्रदेश सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। इसके बाद जब परिजनों से बातचीत के दौर में मंत्री ने कम मुआवजे की हामी भरी तो परिजनों ने फिर मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। मंत्री ने सरकारी या डीसी रेट की नौकरी को स्पष्ट नहीं किया। इतना आश्वासन दिया कि मृतक की पत्नी की योग्यता के हिसाब से उसे नौकरी दिलाई जाएगी। 3 बजे से जाम लगाए बैठे सुशील के परिजनों के पास कविता जैन 4 घंटे बाद ही पहुंच पाई थी। क्योंकि कविता जैन, परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार की मां के निधन के चलते पानीपत गई हुई थीं।

बेटे की दवाई लेकर जा रहा था घर
बता दें कि जिस मामले में सुशील की मौत हुई, उसमें उसका कोई लेनादेना ही नहीं था। बॉबी के साथ कहासुनी सतवीर और उसके परिवार की हुई थी। जब बॉबी ने सतवीर, लीलू और सोमवीर पर हमला किया तो पास में ही सुशील भी अपनी बाइक के पास खड़ा था। सुशील मेडिकल स्टोर पर अपने बेटे के लिए दवाई लेने गया था, जोकि सर्दी-जुकाम से पीड़ित था। बॉबी ने सुशील पर भी चाकू से हमला कर दिया। इसी हमले में घायल होने के बाद सुशील की जान गई।

किराए पर रहता था, दो बच्चों का पिता सुशील
मूलरूप से गांव जुआं का रहने वाला सुशील किराए के मकान में ककरोई रोड पर रहता था। अपनी पत्नी, दो बेटों (एक ढाई साल का दूसरा दो माह का) के साथ रहने वाले सुशील की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। वह खुद प्राइवेट नौकरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। बताया जा रहा है कि फिलहाल वह ककरोई रोड पर ही एक जूतों की दुकान पर काम करता था।

अफवाह के चलते, बंद कर दी थी दुकानें
सुशील के परिजन उसका शव गीता भवन चौक पर लाए तो वहां पर पुलिसकर्मी भी भारी संख्या में तैनात हो गए थे। दुकानदारों के बीच अफवाह फैल गई थी कि यहां पर लाठीचार्ज हो सकता है। इसके चलते दुकानदार ने डर के मारे अपनी-अपनी दुकानें बंद कर दी। रात लगभग 9 बजे तक खुलने वाली मार्केट साढ़े 6 बजे तक ही शांत हो गई थी।

यह है मामला
गढ़ी घसीटा निवासी सतवीर ने सिटी थाने में शिकायत दी है कि वह शुक्रवार देर शाम घर पर था। उसने बताया कि उसकी बहन चांद कौर घर के बाहर बैठी थी। इसी दौरान गढ़ी घसीटा का ही बॉबी हाथ में चाकू लेकर गली में आ गया। वह लोगों को गालियां दे रहा था और चाकू दिखाकर डरा रहा था। चांद कौर ने बॉबी को गालियां देने से मना किया तो वह झगड़ा करने लगा। बकौल सतबीर इस पर उसने बोबी को समझाया। जब वह वापस आने लगा तो बॉबी ने उस पर, बेटे सोमवीर और रिश्तेदार लीलू पर चाकू से हमला कर दिया। पास में ही खड़े सुशील पर चाकू से हमला कर दिया था। चारों को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया गया था, जहां से उन्हें रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया था।
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पीड़ित परिवार को हर संभव मदद की जाएगी। आर्थिक मदद और नौकरी का आश्वासन दिया गया है। इसके लिए सरकार तक उनकी बात पहुंचाई जाएगी।
-कविता जैन, कैबिनेट मंत्री, हरियाणा सरकार

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