सरकार की ऑनलाइन प्रणाली सोनीपत प्रशासन को उस समय काम आ गई जब एक व्यक्ति से आरसी बनवाने के नाम पर एक दलाल 1500 रुपये के साथ धरा गया। दलाल ने व्यक्ति से उसकी आरसी बनवाने के लिए 1500 रुपये लिए थे। करीब एक महीने से ज्यादा समय के बाद भी दलाल आरसी नहीं बनवा सका। मंगलवार को आरसी न बनने पर दलाल ने उस व्यक्ति को पैसे लौटा दिए। इसकी शिकायत एसडीएम से करने पर उन्होंने आरोपी दलाल को पकड लिया और पुलिस के हवाले किया। पुलिस ने आरोपी दलाल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अमित निभवासी मुरथल ने एसडीएम निशांत यादव को शिकायत दी कि करीब एक महीने पहले वह लघु सचिवालय में अपनी बाइक की आरसी बनवाने के लिए आया था। जहां लघु सचिवालय के बाहर खोखे पर काम करने वाले हुल्लाहेड़ी निवासी प्रदीप ने उससे आरसी बनाने के नाम पर 1500 रुपये लिए थे। अमित का आरोप है कि वह प्रदीप के पास आरसी लेने के लिए कई बार आया, लेकिन वह आजकल का बहाना बनाकर उसे वापिस भेज देता। मंगलवार को वह फिर प्रदीप के पास आरसी लेने आया तो आरसी न बनने के कारण प्रदीप ने उसे 1500 रुपये वापिस दिए। इस शिकायत के आधार पर एसडीएम निशांत यादव ने दलाल प्रदीप को पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी दलाल के खिलाफ धारा 406 व 506 के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
एसडीएम कार्यालय में पूरे सिस्टम को ऑनलाइन किया गया है। किसी भी दलाल को पैसे न दें। अगर कोई भी व्यक्ति लाइसेंस या आरसी के नाम पर पैसे मांगता है तो इसकी सूचना तुरंत एसडीएम कार्यालय को दें। आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-निशांत यादव, एसडीएम, सोनीपत