पैसों के लेनदेन के मामले में सोमवार को सोनीपत पुलिस ने करनाल के वार्ड नंबर-1 के एमसी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। कंडीशनल वारंट पर गिरफ्तार किए गए एमसी के वकीलों की जिरह के बाद अदालत ने एमसी को 15 दिन का समय देते हुए रिहा कर दिया है। मामला हाईप्रोफाइल बताया जा रहा है, क्योंकि आरोपी एमसी करनाल में रसूखदार व्यक्ति माने जाते हैं।
जानकारी के मुताबिक, एक फाइनेंस कंपनी की ओर से अदालत में करनाल के वार्ड नंबर-1 के एमसी बलविंद्र के खिलाफ केस फाइल किया था। कंपनी की ओर से बताया गया था कि करीब 18 लाख रुपये बलविंद्र से लेने हैं। इसको लेकर बलविंद्र की ओर से दिए गए चेक भी पेश किए गए थे।
अदालत ने इस मामले में एसपी सोनीपत अभिषेक गर्ग को बलविंद्र के नाम का कंडीशनल वारंट जारी किया था। एसपी गर्ग ने थाना शहर पुलिस को कार्रवाई करने के आदेश दिए। थाना शहर पुलिस ने टीम गठित कर सोमवार को करनाल से बलविंद्र को हिरासत में लिया और दोपहर तक सोनीपत जिला अदालत में पेश किया।
अदालत में बलविंद्र और फाइनेंस कंपनी के वकीलों के बीच जिरह के उपरांत अदालत ने बलविंद्र को पैसे वापस करने के लिए 15 दिनों का समय दिया है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 15 दिनों में पैसे वापस नहीं किए गए तो कार्रवाई की जाएगी।
अदालत ने कंडीशनल वारंट जारी किए थे। एसपी कार्यालय से वारंट मिलने के बाद हमने कार्रवाई की और बलविंद्र को हिरासत में लेकर सोमवार को ही अदालत में पेश किया था। अदालत ने बलविंद्र को 15 दिनों की मोहलत दी है।
दिलबाग, जांच अधिकारी