खरखौदा खंड के गांव सिलाना में 11 माह पहले पिटाई से गुस्साई पत्नी ने पति छतीसगढ़ निवासी मनबोदना की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के राज को छुपाने के लिए पत्नी पूर्णिमा ने पुलिस को गुमराह करते हुए ठंड से मौत की कहानी घड़ी, लेकिन उसकी एक न चली। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीएस श्योराण की अदालत ने शुक्रवार को उसे पति की हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इसी वर्ष 12 जनवरी को गांव सिलाना स्थित एक भट्ठे पर ईंट पथाई के कारीगर की मौत हो गई थी। गांव खोखा पोस्ट, कोरबा, छतीसगढ़ निवासी मनबोदना का शव अपने कमरे में ही पड़ा मिला था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो रिपोर्ट में बताया गया कि मनबोदना की मौत गला दबाने से हुई है।
भट्ठे के मुंशी बंसीलाल की शिकायत के आधार पर मनबोदना की पत्नी पूर्णिमा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। अब अदालत ने पूर्णिमा को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
पहले किया था गुमराह
बता दें कि इस मामले में पूर्णिमा ने पहले पुलिस को पूरी तरह से गुमराह करने की कोशिश की थी। पूर्णिमा ने पुलिस को बताया था कि उसके पति को मिरगी के दौरे पड़ते हैं। दौरे आने व ठंड लगने से ही उसकी मौत हुई है।
पोस्टमार्टम के बाद जब रिपोर्ट सामने आई तो पुलिस ने पूर्णिमा से पूछताछ की तो उसने खुलासा किया कि रात को उसके पत्नी ने उसके साथ झगड़ा किया और उसकी पिटाई भी की थी। गुस्से में उसने रात को ही अपने पति की हत्या कर दी थी।