तीन साल पहले अवैध संबंधों के मामले में गोहाना के महम रोड स्थित रामबस्ती में हुई महिला की हत्या के दोषियों रोहतक निवासी जयभगवान व राजू उर्फ छोटेलाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने दोषियों पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। मामले में नामजद दो अन्य आरोपी वारदात के समय नाबालिग हैं, जिनके खिलाफ जुनाइल कोर्ट में केस चल रहा है। सोमवार को एडीजे सुनीता ग्रोवर की अदालत ने यह फैसला सुनाया।
गोहाना के महम रोड बाइपास स्थित राम बस्ती में 21 अगस्त, 2013 की रात एक महिला सुदेश की लाठियों व डंडों से पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। सुदेश के भाई अनिल ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन कई साल से राम बस्ती में अपने पति व तीन बच्चों के साथ रह रही थी। संजय को अपनी पत्नी का चालचलन पसंद नहीं था। इस कारण जुलाई, 2013 में संजय पानीपत जिले के गवालड़ा गाव में अपने मामा के घर जाकर रहने लगा। उसे शक है कि संजय ने उसकी बहन की हत्या कर दी है। पुलिस ने संजय के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया था।
कॉल डिटेल से खुला अवैध संबंधों का राज
पुलिस जांच में पता चला कि संजय ने सुदेश की हत्या नहीं की है। कॉल डिटेल से खुलासा हुआ कि सुदेश के पड़ोस के एक नाबालिग से अवैध संबंध बन गए थे। नाबालिग की मां को जब इस बात पता चला तो वह सुदेश से नाराज हो गई। उसने सुदेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। उसने 21 अगस्त को रोहतक से अपने चचेरे भाई को गोहाना बुला लिया था। महिला का चचेरा भाई भी नाबालिग था। महिला ने दूर के रिश्ते में देवर राजू निवासी गरनावठी, रोहतक और ममेरे भाई जयभगवान निवासी रोहतक को भी बुला लिया। इसके बाद महिला के चचेरे भाई के साथ राजू व जयभगवान ने शराब पी थी। योजना के तहत आरोपियों ने नाबालिग को शराब पिलाकर सुदेश के घर भेज दिया था ताकि वह दरवाजा खोल दे। महिला के बेटे ने सुदेश के घर जाकर दरवाजा खुलवाया तो पीछे से राजू, जयभगवान व रानी का चचेरा भाई भी पहुंच गया। तीनों ने सुदेश के बाल खींचकर कमरे से बाहर लाकर उस पर लाठियों व ईंट से हमला कर दिया था, जिससे सुदेश की मौके पर ही मौत हो गई थी।
नाबालिग आरोपी की मां ने ही दी पुलिस को हत्या की सूचना
महिला सुदेश की मौत के बाद आरोप है कि नाबालिग युवक की मां ने ही पुलिस को सूचना दी। उस समय सुदेश के भाई अनिल ने अपने जीजा संजय पर ही अपनी बहन की हत्या कराने का आरोप लगाया था। पुलिस ने सुदेश का मोबाइल बरामद किया। कॉल डिटेल के आधार पर व पूछताछ में शक की सुई महिला व उसके बेटे पर घूम गई थी। बाद में पुलिस ने चारों आरोपियों को काबू कर लिया था। जिसमें दो के नाबालिग मिलने पर उनका मामला जुवेनाइल कोर्ट में चला गया था। पुलिस ने मामले में नाबालिग युवक की मां को भी काबू किया था, जिसके खिलाफ सबूत नहीं मिल सके।