गांव गढ़ी बिंदरौली के पास अपने बच्चों को एक महिला जब स्कूल छोड़ने जा रही थी तो दोनों बच्चे मां के हाथ से छुड़ाकर मूनक (पश्चिमी यमुना लिंक) नहर के पास चले गए। दोनों बच्चे नहर में गिर गए तो उन्हें बचाने के लिए मां ने भी नहर में छलांग लगा दी। इसी दौरान ग्रामीणों ने महिला को नहर में कूदते देखकर उसे बचा लिया, लेकिन उसके मासूम बच्चों को नहीं निकाल सके। सूचना के बाद पहुंची पुलिस व प्रशासन की टीम ने बच्चों की तलाश के लिए अभियान शुरू किया। देर शाम बड़े लड़के का शव दिल्ली के बवाना से बरामद किया गया है। बवाना पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। दूसरे लड़के का कोई सुराग नहीं लग सका है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर तेज कार्यवाही नहीं करने व नहर का पानी कम नहीं कराने का आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि गोताखोरों व ग्रामीणों की मदद से लगातार तलाश के लिए अभियान जारी है। वहीं, दिनभर चर्चा चलती रही कि महिला अपने बच्चों के साथ आत्महत्या करने के लिए नहर में कूदी थी, लेकिन शाम को परिजनों ने बयान दिया कि महिला बच्चों को बचाने के लिए नहर में कूदी थी।
15 मिनट बाद आया होश तो बताया बच्चे भी डूबे
गांव गढ़ी बिंदरौली निवासी मुनेश शुक्रवार सुबह अपने बेटे जतिन (5) व यश (3) को स्कूल छोड़ने के लिए घर से निकली थी। दोनों बच्चे गांव के बाहर मूनक नहर के पास स्थित एमडी हरिदास स्कूल में पढ़ते थे। बताया गया है कि जब महिला नहर के पास पहुंची तो दोनों बच्चे हाथ छुड़ाकर नहर की तरफ भाग गए। दोनों नहर में गिर गए और तेज बहाव में बह गए। महिला भी उन्हें बचाने के लिए नहर में कूद गई। इसी दौरान लोगों ने महिला को नहर में कूदते देखकर उसे बचा लिया। महिला बेसुध हो चुकी थी। करीब 15 मिनट बाद जब उसे होश आया तो उसने अपने दोनों बच्चों के नहर में गिरने की बात कही, जिस पर लोगों में हड़कंप मच गया। उन्होंने बच्चों का पता लगाने के लिए प्रयास शुरू कर दिया, साथ ही पुलिस को भी अवगत कराया। मामले की सूचना मिलते ही कुंडली थाना प्रभारी सोमबीर, राई थाना प्रभारी ऋषिकांत, बारोटा चौकी प्रभारी रामतीर्थ मौके पर पहुंचे। मौके पर गोताखोर बुलाकर तलाशी अभियान शुरू किया गया। इसी बीच डीएसपी खरखौदा आदर्शदीप व डीएसपी राहुल देव तथा नायब तहसीलदार हवा सिंह भी मौके पर पहुंच गए। देर शाम बवाना में दिल्ली पुलिस ने जतिन का शव बरामद कर लिया है। उसका शनिवार को दिल्ली में पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
दिनभर चलती रही महिला के नहर में कूदने की चर्चा
महिला मुनेश व उसके ससुर राजबीर ने जहां शाम को बयान देकर बताया कि बच्चे नहर में गिर गए थे और उन्हें बचाने के लिए मुनेश नहर में कूदी थी। इससे पहले दिनभर चर्चा चलती रही कि महिला अपने बच्चों को लेकर नहर में कूदी थी, लेकिन शाम को पुलिस के सामने दिए बयान में बच्चों को बचाने की बात कही।
उजड़ गया पूरा परिवार
मुनेश के पति की मौत उसके छोटे बेटे यश के जन्म के कुछ दिन बाद ही हो गई थी। जब मुनेश के परिजन छोटे बेटे की जन्म की खुशी में उपहार लेकर उसके घर आए थे उसी दिन लंबे समय से बीमार चल रहे मुनेश के पति का देहांत हो गया था। उसके बाद से मुनेश के सेना से सेवानिवृत्त ससुर राजबीर ने ही उनका लालन-पालन शुरू किया। दोनों बच्चों के नहर में बहने के बाद देर शाम को जतिन का शव बरामद किया गया है। अब उसके छोटे भाई यश के जीवित मिलने की आस भी नहीं बची है।
आज ही बच्चों को छोड़ने आई थी महिला
परिजनों ने बताया कि अक्सर बच्चों का दादा राजबीर ही दोनों बच्चों को छोड़ने के लिए स्कूल जाता था। शुक्रवार को बच्चों की मां मुनेश ने कहा कि वह बच्चों को स्कूल छोड़ आती है। किसी को क्या पता था कि मुनेश के जाने से बच्चों के साथ इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।
ससुर ने पुलिस को दिया यह बयान
महिला के ससुर राजबीर ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसकी पुत्रवधू मुनेश उसके पौत्र जतिन व यश को छोड़ने स्कूल गई थी। बच्चों का स्कूल मूनक नहर के पास है। जब वह स्कूल के पास पहुंचे तो मां के पास से भागकर नहर की तरफ चले गए और नहर में गिरकर बह गए। उसकी पुत्रवधू ने उन्हें बचाने के लिए नहर में छलांग लगाई। वह भी बहने लगी तो आसपास के लोगों ने उसे देखकर बचा लिया।
महिला के दो बच्चों सहित नहर में गिरने की सूचना मिली थी। महिला को ग्रामीणों ने बचा लिया। उसके बाद से बच्चों की तलाश का अभियान चलाया गया। देर शाम बड़े बेटे जतिन का शव बवाना में मिल गया है। दूसरे बच्चे की तलाश के लिए गोताखोरों व ग्रामीणों की मदद ली जा रही है। जगह-जगह जाल भी डाला गया है। महिला व उसके ससुर ने बयान दिया है कि बच्चे नहर में गिर गए थे, जिन्हें बचाने के प्रयास में महिला नहर में कूद गई थी। महिला को वहां मौजूद लोगों ने बचा लिया।
-रामतीर्थ, बारोटा चौकी प्रभारी।