हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने अपहरण व गैर इरादतन हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषियों को सात-सात साल कैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
गांव मुंडलाना निवासी सुमित ने 12 सितंबर, 2020 को सदर थाना गोहाना पुलिस को बताया था कि उसका भाई अमित (29) खेतीबाड़ी करता था। उसका भाई 11 सितंबर, 2020 को देर शाम अपने दोस्त रविंद्र के पोल्ट्री फार्म पर गया था। उसने आरोप लगाया था कि वहां पर रामनिवास, रोहतास, दीपक, अनिल व रोहित पहुंच गए थे। वह अमित को जबरन अपने साथ ले गए थे। अमित को रामनिवास के जिम पर ले जाया गया था।
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वहां पर उसके भाई की डंडों से पिटाई की गई थी। सूचना मिलने के बाद वह भी जिम में पहुंच गए थे। जिस पर हमलावर उसे भी मारने की धमकी देकर भाग गए थे। वह अपने भाई अमित को घर ले आए थे। 12 सितंबर, 2020 को सुबह उसका भाई अमित मृत मिला था। सूचना मिलने पर सदर थाना की मुंडलाना चौकी के तत्कालीन इंचार्ज सतबीर सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे।
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पुलिस ने सुमित के बयान पर पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू की। अमित के परिजनों ने किसी तरह की रंजिश की जानकारी नहीं दी थी। पुलिस जांच में मामले में रोहताश की भूमिका सामने नहीं आई थी। पुलिस ने मामले में आरोपी रामनिवास, दीपक, अनिल व रोहित को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने उनसे वारदात में प्रयुक्त डंडा व कार और बाइक बरामद कर आरोपियों को जेल भेज दिया था।
मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने चारों आरोपियों को अपहरण व गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने चारों दोषियों को रामनिवास, दीपक, अनिल व रोहित को भादंसं की धारा 304 में सात-सात साल कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 364 में भी सात-सात कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों सजा एक साथ चलेंगी। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।