गांव कतलूपुर में ग्रामीण इन दिनों डेंगू की आशंका से दहशत में है। बुखार से पीड़ित गांव के लगभग तीन दर्जन से अधिक ग्रामीण नरेला स्थित विभिन्न अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं। हालांकि इन मरीजों की डेंगू की पॉजिटिव रिपोर्ट सामने नहीं आई है, लेकिन इनमें डेंगू के सभी लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढने से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। वहीं डेंगू के भय से परेशान ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ गंभीरता नहीं बरतने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जगह-जगह गड्ढे बने हैं। सभी जगह पानी खड़ा है, लेकिन विभाग की ओर से यहां कोई छिड़काव नहीं किया गया है।
दिल्ली बॉर्डर के नजदीक स्थित गांव कतलूपुर में इन दिनों बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रतिदिन चार से पांच मरीज नरेला स्थित अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य बुखार की बजाय अधिकांश मरीजों में डेंगू के लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
तेज बुखार, बदन दर्द के साथ चेहरे पर लाल दाने की शिकायत भी आ रही है। डेंगू के सभी लक्षण पाए जाने से लोग सीधे अस्पताल की ओर दौर रहे हैं। गांव के सरपंच धर्मवीर ने बताया कि पिछले तीन दिनों से बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। चूंकि गांव में जगह-जगह खेतों में पानी भरे हैं।
इसके अलावा घरों के आसपास भी पानी जमा है। जिससे मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। डेंगू के मौसम को देखते हुए कुछ लोगों में भय भी देखा जा रहा है। हालांकि अपनी ओर से वह लोगों के बीच जागरूक भी कर रहे हैं, लेकिन बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
मलेरिया विभाग की टीम को तुरंत ही सूचना दी जाएगी। बुखार पीड़ित सभी मरीजों के ब्लड स्लाइड बनाए जाएंगे। जहां-जहां लोग बुखार की चपेट में आ चुके हैं वहां तुरंत ही फागिंग भी कराई जाएगी। चिंता की कोई बात नहीं है। लोग दहशत में नहीं आए। स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम गांव में जाकर निरीक्षण करेगी।
-डॉ. जसवंत सिंह पूनिया, सिविल सर्जन