लगभग चार साल पुराने पत्नी और सास को मौत के घाट उतारने के आरोपी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया की अदालत ने दोषी करार दिया है। दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए 20 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना नहीं भरने की सूरत में अतिरिक्त सजा का प्रावधान है।
जानकारी अनुसार, 12 अक्टूबर 2011 गांव चौहान जोशी निवासी सुभाष ने थाना राई पुलिस को शिकायत दी थी। कि उसकी बेटी पूजा और अनीता की हत्या कर दी गई है। उसने बताया कि पूजा की शादी 6 मई, 2011 को गांव दौलतपुर, यूपी निवासी सूबे सिंह के साथ की थी।
पहला करवा चौथ होने के कारण सूबे सिंह उसकी बेटी पूजा को छोड़ने उसके घर आया था। वह उसे छोड़कर वापस चला गया। रात को खाना खाकर वह ऊपर सो गया और उसकी बेटी व पत्नी नीचे सोई हुई थीं। सुबह दोनों उसे मृत अवस्था में मिली थी। उनके शरीर पर चोट के निशान थे।
पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस ने पूजा के पति गांव दौलतपुर, यूपी निवासी सूबे सिंह व उसके दो साथियों को काबू किया था। इस मामले में सूबे सिंह को अदालत ने दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
करवाचौथ की जिद, चरित्र पर संदेह
पुलिस के अनुसार, सूबे सिंह ने हत्या की वारदात स्वीकार करते हुए बताया था कि पूजा पहले करवाचौथ के लिए अपने घर जाने की जिद कर रही थी। जबकि उसने कई बार पूजा को कहा था कि पहला करवाचौथ है, इसीलिए यहीं मना लो। लेकिन पूजा नहीं मानी। वह उसे मायके नहीं भेजना चाहते, लेकिन पूजा जबरदस्ती मायके गई थी। इसीलिए उसे पूजा के चरित्र पर संदेह था। यही वजह उसकी हत्या की रही।
सास जागी तो उसका भी कर दिया कत्ल
प्रारंभिक जांच में ही सूबे सिंह ने बताया कि वह सिर्फ पूजा का कत्ल करने के इरादे से ही वापस आया था। किसी को शक न हो इसलिए घर से चला गया था, लेकिन रात को वापस आया था। उसने अपनी पत्नी को जान से मार दिया था, इसी दौरान सास अनीता भी जाग गई। सास ने उसे पहचान लिया था, इसलिए सास की भी हत्या कर दी थी।