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32 घंटे बाद गोहाना में दलित युवक का अंतिम संस्कार

Sat, 24 Oct 2015 12:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला गोहाना
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शहर के देवीनगर इलाके में रहने वाले दलित किशोर गोविंदा की मौत के मामले में नामजद एएसआई अशोक और सुभाष के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत भी जांच होगी। साथ ही अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग अपनी देखरेख में पूरी जांच भी कराएगा।
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आयोग ने 26 अक्तूबर तक पूरे मामले की रिपोर्ट डीसी और एसपी से तलब की है। शुक्रवार को गोहाना पहुंचे आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह के इस आश्वासन पर किशोर की मौत के 32 घंटे बाद परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। तब जाकर पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली।

वहीं, मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। खुद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर दोपहर में पीड़ित परिवार से मिले और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उधर, एसपी अभिषेक गर्ग ने निष्पक्ष जांच के बाद गिरफ्तारी का भरोसा दिया है।
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गुरुवार सुबह देवीनगर निवासी किशोर गोविंदा (15) का शव संदिग्ध हालत में मिला था। किशोर के गले पर रस्सी के निशान थे। साथ ही दोनों पैर जख्मी थे। इससे नाराज परिजनों ने साढ़े तीन घंटे तक गोहाना-जुलाना मार्ग और रोहतक-पानीपत रेलवे ट्रैक जाम कर दिया था। आरोप था कि पुलिस ने गोविंदा पर पहले तो झूठे चोरी के केस में फंसाया और बाद में थाने में बुलाकर उसकी हत्या कर शव को उसी के ताऊ के घर में डालकर फरार हो गए।

घटना की सूचना पर एसडीएम धर्मेंद्र सिंह ने पुलिस के अधिकारियों के साथ पहुंचकर उनकी मांगों को मानने का आश्वासन दिया था। जिसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम रोहतक पीजीआई में कराया। हालांकि पुलिस ने एएसआई सुभाष और एएसआई अशोक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। हालांकि गुरुवार देर शाम परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था।

सुबह सस्पेंड कर गिरफ्तारी पर अड़े परिजन
शुक्रवार सुबह दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर उन्हें गिरफ्तार करने के बाद ही परिजन अंतिम संस्कार करने की बात कह रहे थे। साथ में एससी-एसटी एक्ट लगाने की भी मांग की। सूचना पर सुबह दस बजे राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह परिजनों से मिलने गोहाना पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात की और प्रशासन को आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत भी केस दर्ज करने की मांग की। जिस पर पुलिस-प्रशासन तैयार हो गया। तब जाकर कहीं परिजन अंतिम संस्कार के लिए माने।

पुलिस छावनी में तब्दील हुआ स्टेशन
परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार से इनकार करने के बाद बृहस्पतिवार देर रात ही भारी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। सुबह होते ही पुलिस के अधिकारियों ने परिजनों को शव का अंतिम संस्कार करने के लिए मनाना चाहा, लेकिन उन लोगों ने एक नहीं मानी। पुलिस को इस बात का भय था कि कहीं परिजन रेलवे ट्रैक को जाम नहीं कर दें। इसके लिए सुबह से ही रेलवे स्टेशन से बरोदा रेलवे फाटक तक भारी संख्या में पुलिस की कई टुकड़ी लगाई गईं। इतना ही मौके पर पुलिस ने वज्र और फायरब्रिगेड की गाड़ियां भी बुला ली गई थी।

परिजनों का आरोप: संस्कार के लिए बनाया गया दबाव, चाहिए पुलिस सुरक्षा
परिजनों का आरोप है कि बृहस्पतिवार देर रात पुलिस के अधिकारियों और कुछ दबंग लोगों ने गोविंदा के अंतिम संस्कार के लिए उनके ऊपर दबाव बनाया। उनका कहना है कि देर रात कुछ लोग उनके घर घुस गए और कहा कि या तो इसका अंतिम संस्कार कराओ नहीं तो आपके साथ अच्छा नहीं होगा। इससे उन्हें जानमाल का खतरा है। इसीलिए परिजनों को पुलिस सुरक्षा मिलनी चाहिए।

एक घंटे तक चली बातचीत के बाद अंतिम संस्कार के लिए माने परिजन
राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की। परिजनों से बातचीत कर उन्होंने तुरंत डीसी और एसपी को गोहाना पहुंचने को कहा। आयोग के सदस्य के कहने पर सोनीपत डीसी राजीव रतन और एसपी अभिषेक गर्ग गोहाना पहुंचे। लगभग एक घंटे तक अधिकारियों और परिजनों में बातचीत हुई। तब जाकर परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।

नेताओं ने की पीड़ित परिवार से मुलाकात
मामले को लेकर खुद भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन गोहाना पहुंचे और पीड़ित परिवार को भरोसा दिया कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने पूरी तरह निष्पक्ष कार्रवाई का अधिकारियों को आदेश दिया है। इसके बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। मुलाकात के बाद कहा कि भाजपा राज में दलितों को विशेष तौर पर निशाना बनाया जा रहा है। फरीदाबाद के बाद गोहाना में दलित युवक की मौत चिंता का विषय है।

परिजनों की मांग थी कि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाए। पुलिस ने यह बात मान ली है। साथ में आयोग ने डीसी और एसपी से 26 तक दिल्ली स्थित कार्यालय में रिपोर्ट तलब की है। इसके अलावा परिजनों को पुलिस की सुरक्षा दी गई है। मामला शात होने तक पुलिस की एक जिप्सी पीड़ित के घर के पास रहेगी। -ईश्वर सिंह, सदस्य, राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की पूरी जांच के बाद ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। क्योंकि यह मामला एक जांच का विषय है। -अभिषेक गर्ग, एसपी, सोनीपत

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिका पूरा केस
गोविंदा की मौत हत्या है या आत्महत्या, इसका खुलासा शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हो सकता है। रिपोर्ट से साफ पता लग सकता है कि किशोर को हत्या के बाद फंदे पर लटकाया गया या उसने स्वयं जान दी है। इसके बावजूद पुलिस अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट को उजागर नहीं कर रही है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीजीआई रोहतक से पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद उसे एससी-एसटी आयोग के सामने रखा जाएगा। यहीं कारण है कि पुलिस रिपोर्ट से पहले आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही है।
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