प्रदेश के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि गोहाना के दलित किशोर ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी पुलिस हिरासत में मौत हुई है। परिजनों को मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी पर भरोसा नहीं है। ऐसे में इस मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाए।
शनिवार को गोहाना में मृतक गोविंद के घर पहुंचे पूर्व सीएम ने पीड़ित परिजनों से बातचीत के बाद रेस्ट हाउस में पत्रकारों से यह बात कही। उन्होंने कहा कि किशोर की मौत पर सीएम खट्टर का बयान निंदनीय है।
हुड्डा ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख के रिजर्वेशन कम करने के बयान के बाद प्रदेश में इस तरह की घटनाओं में इजाफा हुआ है। इससे समाज का ताना-बाना टूटने का खतरा है और आम आदमी अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने जो एसआईटी का गठन किया है उससे न तो हम, न लोग संतुष्ट हैं और न ही परिवार संतुष्ट है। पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाने के लिए हाईकोर्ट के सिटिंग जज से टाइम बाउंड जांच करानी चाहिए। इसके अलावा परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और एक सरकारी नौकरी दी जाए। पूर्व सीएम हुड्डा ने कहा कि प्रदेश में बिगड़ी व्यवस्था को लेकर कांग्रेस 28 अक्टूबर को राज्यपाल को ज्ञापन देगी।
इस मौके पर जयतीर्थ दहिया, देवराज दिवान, श्रीकृष्ण हुड्डा, जगबीर मलिक, जयबीर बाल्मीकि, प्रमेंद्र जौली, भूपेंद्र मलिक, अनिल निंबड़िया, रोहित मान, बंसी बाल्मीकि व कमला भावड़ मौजूद रहे।