लगभग तीन माह पहले पुलिस लाइन में सिपाही के आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों में 5 पुलिस कर्मी भी शामिल हैं। मामला अदालत के आदेशों पर दर्ज किया गया है। बताया गया है कि मृतक सिपाही की पत्नी ने ही अदालत में इस्तागासा दायर किया है।
गांव रोहट निवासी प्रियंका ने अदालत में इस्तगासा दायर किया था। दायर इस्तगासा में प्रियंका ने बताया कि उसका पति सुभाष हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर नियुक्त था। वह पुलिस लाइन के ई-ब्लॉक में सरकारी क्वार्टर में रह रहा था। 2 अक्टूबर, 2015 को वह अपने बेटे के साथ गांव रोहट गई थी। 5 अक्टूबर को सुबह क्वार्टर से बदबू आने लगी थी, जिस पर आसपास रह रहे कर्मियों ने उनके क्वार्टर का दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला था। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर क्वार्टर का दरवाजा तोड़ा तो सुभाष का शव फंदे पर लटका मिला। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवा दिया था। अब महिला का आरोप है कि उसके पति के आत्महत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। उसने पुलिस को बताया था कि उसके पति के खिलाफ गांव कुंडली निवासी कुलदीप और उसकी मां कौशल्या ने 7 मार्च, 2014 को धोखाधड़ी करने का झूठा मामला दर्ज करवाया था। बाद में समझौता हो गया था और कुलदीप के शपथ पत्र पर उसके पति का मामला भी निरस्त हो गया था। महिला का आरोप है कि समझौते के नाम पर उसके पति को लगातार तंग किया जाता रहा। इसमें पुलिस लाइन प्रभारी एसआई इंद्र सिंह ने भी आरोपियों के साथ जान-पहचान के चलते उसके पति को तंग करना शुरू कर दिया। इससे उसका पति मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। उसके पति को इंद्र सिंह, पुलिस लाइन के मुंशी मुकेश कुमार ने बीमारी के बावजूद छुट्टी नहीं दी। साथ ही एसआइ रोहताश व अनिल तथा हवलदार सुरेश भी उसके पति को तंग करने लगे। पुलिस ने मामले में सातों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज कर लिया है। थाना शहर प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के उपरांत ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।