सोनीपत के गांव सलीमसर माजरा स्थित शराब ठेके पर बैठे ठेकेदार को पुरानी कहासुनी की रंजिश में गांव के ही दो युवकों ने गोली मार दी। वारदात को अंजाम देकर वह अपने तीसरे साथी संग कार में सवार होकर भाग गए। ठेके के पास ही दुकान चलाने वाले ठेकेदार के मौसेरे भाई ने घायल को सोनीपत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने मौसेरे भाई के बयान पर तीन हमलावरों के खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सलीमसर माजरा के शराब ठेकेदार शमशेर उर्फ शेरू को मारी गई गोली
गांव सलीमसर माजरा निवासी सुनील ने सदर थाना पुलिस को बताया कि उनके मौसेरे भाई शमशेर उर्फ शेरू गांव सलीमसर माजरा के साथ ही गांव लुहारी टिब्बा में शराब के ठेके चलाते हैं। सुनील ने बताया कि वह गांव में स्थित शराब ठेके के पास कन्फेक्शनरी की दुकान चलाते हैं। कई दिन पहले उनके मौसेरे भाई शमशेर उर्फ शेरू की गांव के ही सचिन उर्फ नान्हू संग कहासुनी हो गई थी। जिससे वह उनके भाई से रंजिश रखने लगा।
दो हमलावरों ने ठेके के अंदर जाकर दिया वारदात को अंजाम
रात को उनका भाई सलीमसर माजरा में अपने ठेके पर कैश कलेक्शन के लिए आया था। वह अपनी दुकान पर थे और ठेके पर भठगांव का रहने वाला सेल्समैन अंकित काम कर रहा था। इसी दौरान ठेके के बाहर एक कार आकर रुकी। कार में गांव का सचिन उर्फ नान्हू, सोनू और बबलू उर्फ जूनी थे। कार रोकने के बाद सचिन उर्फ नान्हू और सोनू ठेके के अंदर चले गए। वहां पर बैठकर ठेकेदार शमशेर उर्फ शेरू से बात करने लगे। कुछ ही देर में सोनू और सचिन की उनके भाई से फिर से कहासुनी हो गई।
बाद में तीसरे साथी संग कार में सवार होकर भाग गए
इसी दौरान सचिन उर्फ नान्हू ने पिस्तौल निकालकर उनके मौसेरे भाई शमशेर उर्फ शेरू की जांघ में गोली मार दी। जिससे वह घायल होकर गिर गए। गोली मारने के बाद हमलावर अपने तीसरे साथी संग कार में बैठकर भाग गए। उनके जाने के बाद उन्होंने पुलिस को सूचना देने के साथ ही घायल शमशेर को सोनीपत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर उनका उपचार चल रहा है। पुलिस ने मामले में सुनील के बयान पर तीनों हमलावरों के खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज कर लिया है।