फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीसी आवास पर शव रखकर मांगा न्याय

Thu, 26 Nov 2015 12:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
विज्ञापन
विज्ञापन
पलड़ी-दीपालपुर मार्ग पर मंगलवार को असमय काल का ग्रास बने युवक के परिजन बुधवार को उसका शव लेकर डीसी आवास पहुंच गए। परिजनों ने शव को डीसी आवास के सामने रखकर लगभग एक घंटे तक धरना दिया। इस दौरान परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग उठाई तथा साथ ही मुआवजे की मांग भी की। मौके पर पहुंचे डीएसपी राजीव एवं सिविल सर्जन डॉ. जेएस पूनिया के आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों ने डीसी आवास के आगे से शव उठाया। अधिकारियों ने लापरवाही कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन

गांव ठरू निवासी प्रवीण (22) बड़ौत उत्तर प्रदेश में चाउमीन की रेहड़ी लगाता था। मंगलवार शाम को बड़ौत से अपने घर की ओर आ रहा था। जब वह पलड़ी से चौहान जोशी रोड पर होते हुए जीटी रोड की तरफ जा रहा था तो दीपालपुर के पास उसकी मोटरसाइकिल को नील गाय ने टक्कर मार दी। हादसे में प्रवीण घायल होकर सड़क पर गिर गया। खेतों में मौजूद किसानों ने मामले की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी थी। इसके बाद मौके पर एक एंबुलेंस पहुंची थी। जिसके चालक ने नीचे उतर कर प्रवीण को मृत घोषित कर दिया और वापस चले गए। परिजनों का कहना है कि इसके बाद ग्रामीणों की सूचना पर वे मौके पर पहुंचे थे। मौके पर पहुंचकर पाया कि प्रवीण अभी जीवित था। इस पर परिजनों उसे लेकर अस्पताल की ओर निकल पड़े, हालांकि रास्ते में बहालगढ़ के पास प्रवीण की मौत हो गई। इसके बावजूद प्रवीण को सामान्य अस्पताल लाया गया। जहां पर शव को अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया। मंगलवार देर शाम को परिजनों ने इस मामले में अस्पताल में भी हंगामा किया था। इसके बाद बुधवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को हवाले कर दिया था।

डीसी ने दिए जांच के आदेश
सामान्य अस्पताल से शव मिलने के बाद परिजन एवं अन्य ग्रामीण प्रवीण का शव लेकर डीसी आवास पर पहुंच गए। दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे परिजन डीसी आवास के सामने पहुंच चुके थे। आवास के बाहर परिजन धरने पर बैठ गए। लगभग आधा घंटा धरने पर बैठे रहे कि इसी दौरान डीएसपी राजीव रत्न मौके पर पहुंच गए। डीएसपी ने ग्रामीणों से पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मामले की जांच के आदेश दिए। इसी दौरान सिविल सर्जन भी मौके पर पहुंच गए थे।
विज्ञापन


क्या बोले ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि एंबुलेंस लगभग 6 बजे घटनास्थल पर पहुंच गई थी। आरोप लगाया कि एंबुलेंस में से पैरामेडिकल स्टाफ में से कोई नीचे नहीं उतरा, सिर्फ चालक ही नीचे उतरा था। उसने खुद ही प्रवीण को मृत घोषित कर दिया और एंबुलेंस लेकर चले गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अव्वल तो यह है कि एक चालक कैसे किसी को मृत घोषित कर सकता है और अगर प्रवीण की मौत हो भी चुकी थी तो भी उसका शव तो एंबुलेंस में लेकर आना चाहिए था।

पूनिया बोले गलती है जो शव नहीं लाए
ग्रामीणों से बातचीत के दौरान सिविल सर्जन डॉ. जेएस पूनिया ने गलती की बात स्वीकार ली। उन्होंने कहा कि शव को एंबुलेंस में न लेकर आना कर्मचारियों की बड़ी गलती थी। पूनिया के अनुसार एंबुलेंस में मौजूद पैरामेडिकल स्टाफ ने ही प्रवीण की जांच की थी और उसकी मौत हो चुकी थी। इस बारे में पूरी जांच कर ली गई है। हालांकि इसके बावजूद परिजनों की तसल्ली के लिए फिर से जांच कराई जाएगी।

ग्रामीणों ने स्वास्थ्य कर्मचारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। इसके लिए जांच के निर्देश दिए गए हैं। मुआवजे की बात भी उठाई गई थी, इसके लिए भी उच्चाधिकारियों को स्थिति के बारे में बताया गया है।
विज्ञापन

-राजीव, डीएसपी, सोनीपत।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें