शहर के सेक्टर-23 में 173 दिन से चल रहा धरना और दो दिन पहले शुरू हुआ क्रमिक अनशन बुधवार को एक दिसंबर तक स्थगित कर दिया गया। चिटफंड मामले की जांच कर रहे गन्नौर डीएसपी सतीश शर्मा धरनास्थल पर पहुंचे और अनशन पर बैठे राजपाल गुलिया, ईश्वर उपाध्याय, रामनिवास शर्मा, पुष्पेंद्र, रोहताश, मनोज बंसल, राजेश कुमारी, सर्वेश राणा, वेदप्रकाश, बलवान खासा व लख्मीचंद को मिठाई खिलाकर अनशन तुड़वाया। साथ ही साफ किया कि जल्द आरोपियों की गिरफ्तारियां होंगी और पीड़ितों को न्याय मिलेगी। चिटफंड ठगी पीड़ित न्याय संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजपाल गुलिया ने कहा कि जब से डीएसपी गन्नौर ने मामले की जांच संभाली है, तब से न्याय की उम्मीद जगी है। ऐसे में उनकी बात को टाल नहीं सके और धरना एक माह के लिए स्थगित कर दिया है।
गहराई से पड़ताल जारी, जल्द होंगी गिरफ्तारियां
दोपहर करीब एक बजे डीएसपी सतीश कुमार धरनास्थल पहुंचे। पीड़ितों से बातचीत की और कहा कि अगर वे चाहते हैं कि जांच जल्दी पूरी हो तो धरना व अनशन खत्म करना होगा। साथ ही जिस केस में सबूत सामने आते जाएंगे, उस केस में कार्रवाई होती चली जाएगी। पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर ली गई है। जल्द आरोपियों की गिरफ्तारियां होंगी।
साहब, धमकी मिल रही मां कहने वाला नहीं बचेगा
धरना स्थल पर पहुंची एक पीड़ित महिला ने डीएसपी को बताया कि उसने बेटी की शादी के लिए एक आरोपी से सहायता मांगी थी। आरोपी ने कहा कि बेटी की शादी में एक लाख रुपये वह दे देगा, लेकिन वह कमेटी डालना शुरू करे। वह उसकी बातों में आ गई। बेटी के शादी के दिन जब पैसे मांगने गई तो आरोपी के मकान के एक कमरे में आधा दर्जन युवक बैठे थे। कमरे की तरफ इशारा करते हुए आरोपी ने कहा, चुपचाप चली जा, यह तेरी जैसी महिलाओं के लिए ही बुला रखे हैं। अगर कहीं शिकायत की तो तुझे कोई मां कहने वाला नहीं रहेगा। इसके बाद वह डरी और सहमी हुई है।
72 पीड़ितों की सूची तैयार, किसी ने एक करोड़ तो किसी ने लाखों गवाएं
समिति की ओर से एक सूची तैयार की गई है, जिसमें पीड़ितों की संख्या 72 बताई गई है। इस सूची पर यकीन करें तो किसी ने एक करोड़ से ज्यादा गंवाए हैं तो कोई लाखों रुपये धोखाधड़ी में गंवा चुका है। मामले में पुलिस ने अब तक 37 महिला और पुरुषों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, हालांकि गिरफ्तारी एक महिला की ही हुई है।
शर्म करके नहीं आ रहे कई लोग और भी पीड़ित
समिति के प्रधान राजपाल गुलिया ने बताया कि पीड़ितों की संख्या 100 से ज्यादा है, लेकिन कुछ लोग शर्म के चलते खुलकर सामने नहीं आ रहे। अब भी कई लोगों को आरोपियों ने पैसे देने का झांसा देकर रोका हुआ है। जब पुलिस सख्ती से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी तो सबको न्याय मिल जाएगा।
साहब ब्याज नहीं चाहिए, दो दिया है, वहीं दिलवा दो
धरनास्थल पर पहुंचे डीएसपी सतीश कुमार से पीड़ितों ने कहा कि लाखों रुपये गंवाने के चलते उनके परिवार सड़क पर आ गए हैं। हमें ब्याज या लाभ नहीं चाहिए, जो पैसे गए हैं, वहीं दिलवा दो। इस पर डीएसपी ने कहा कि आप भी किसी के लालच में मत फंसा करो। पुलिस अपनी तरफ से पूरा प्रयास कर रही है।
पीएम के दौरे के चलते दबाव में था पुलिस प्रशासन
चिटफंड पीड़ितों ने एक दिन पहले डीसी को पत्र लिखकर पीएम नरेंद्र मोदी से मिलने का समय मांगा था। इससे पुलिस-प्रशासन भी कार्रवाई को लेकर दबाव में है। ऐसे में धरने और अनशन को खत्म कराना जरूरी हो गया था। दूसरा डीएसपी सतीश कुमार द्वारा की गई अब तक की जांच से पीड़ित संतुष्ट हैं। इसके चलते भी वे डीएसपी की बात को नहीं टाल सके।
जल्द होंगी गिरफ्तारियां, 37 महिलाएं और पुरुष नामजद
चिटफंड पीड़ितों ने अपना धरना और अनशन खत्म कर दिया है। इससे जांच में तेजी आएगी। मामले में अब तक 37 महिला और पुरुषों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया जा चुका है। अब जल्द आरोपियों की गिरफ्तारियां होगी। एसआईटी सही दिशा में जांच आगे बढ़ा रही है।
-अभिषेक गर्ग, पुलिस अधीक्षक सोनीपत।
यह बोले पीड़ित
चिटफंड कमेटी के नाम पर लाखों रुपये गंवाए हैं। डीएसपी सतीश कुमार द्वारा की गई अब तक की जांच से संतुष्ट हैं। इसलिए धरना और अनशन स्थगित कर रहे हैं।
-मंजू, चिटफंड कमेटी पीड़ित
डीएसपी सतीश शर्मा के हाथ में जांच आने के बाद पीड़ितों को न्याय की उम्मीद जगी है। अब दूध का दूध और पानी का पानी होगा। इसलिए धरना व अनशन एक दिसंबर तक स्थगित कर रहे हैं।
-राजपाल गुलिया, प्रधान चिटफंड पीड़ित न्याय संघर्ष समिति
पुलिस की ओर से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया है। सभी पीड़ित डीएसपी द्वारा की गई अब तक की जांच से संतुष्ट है। अगर कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
-रवींद्र जठेड़ी, महासचिव, राष्ट्रीय जातिगत आरक्षण विरोधी पार्टी