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कल आरोपी से की बरामदगी, अब डाक्टर व पूर्व हेल्थ कर्मी फरार

Fri, 01 Jan 2016 12:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सोनीपत
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एक तरफ जहां प्रदेश सरकार बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ मुहिम पर जोर दे रही है, दूसरी तरफ पीएनडीटी एक्ट में खामियां को दूर करने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। बुधवार को जींद के हेल्थ विभाग ने अरोड़ा नर्सिंग होम की संचालिका डाक्टर आशा अरोड़ा की मौजदूगी में छापा मारा था, वहीं वीरवार को मामले की जांच कर रही ओल्ड सिटी चौकी पुलिस यह कह रही है कि आरोपी डाक्टर को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है, क्योंकि वे फरार हैं। सवाल उठता है कि आरोपी डॉक्टर को छापे के बाद क्यों छोड़ा गया।
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पीएनडीटी एक्ट में पुलिस जांच जरूरी
छापे के दौरान जींद व सोनीपत हेल्थ विभाग के अधिकारी कार्रवाई को लेकर आपस में उलझ गए थे। जींद टीम का नेतृत्व कर रहे डाक्टर सतीश सुलेख ने कहा था कि मौके पर ही एफआईआर दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए, जबकि सोनीपत हेल्थ विभाग के डाक्टर आदर्श शर्मा का कहना था कि नियमों के तहत पुलिस पहले एफआईआर करेगी। इसके बाद जांच पड़ताल के बाद गिरफ्तारी होगी।

यह है मामला
हेल्थ विभाग के मुताबिक जींद की टीम को भनक लगी थी कि सोनीपत में लिंग जांच करने का काम चल रहा है। योजना के तहत जींद की टीम ने अरोड़ा नर्सिंग होम पर दस्तक दी। नर्सिंग होम में एक महिला को नकली ग्राहक बनाकर भेजा। आरोप है कि महिला डॉक्टर आशा अरोड़ा ने पहले लिंग जांच की। इसके बाद गर्भपात करने के लिए हां की। पूरा मामला साढ़े 12 हजार रुपये में तय हुआ। महिला ने डाक्टर को 10 हजार रुपये दे दिए। बाद में छापामार टीम ने बरामद किए और अल्ट्रासाउंड मशीन को सील किया था।
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छापेमारी जारी, नहीं मिली डाक्टर व पूर्व हेल्थ कर्मी
ओल्ड सिटी चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि हेल्थ विभाग की शिकायत पर महिला डॉक्टर आशा अरोड़ा और पूर्व हेल्थ वर्कर ऊषा के खिलाफ पीएनडीटी व एमटीपी के तहत मामला दर्ज कर लिया था। वीरवार को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम दो बार नर्सिंग होम पर गई, लेकिन आरोपी फरार मिली।
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