बिलबिलान गांव के बहुचर्चित दलित किशोरी से दुष्कर्म के मामले में शनिवार को एएसजे गगनजीत कौर की अदालत ने आरोपी युवक सुखवंत को दोषी मानते हुए सात साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। इस मामले में पीड़िता आत्महत्या कर जान दे चुकी है।
गांव बिलबिलान निवासी एक लड़की ने फरवरी, 2015 को थाना सदर गोहाना में शिकायत दी थी कि वह अपनी बहनों के साथ खेत में लकड़ी लेने गई थी। दोपहर को खेत में लकड़ी एकत्र करते हुए उसकी बहन उससे अलग हो गई। इसी दौरान गांव का सुखवंत शराब के नशे में उसके पास आया। वह उसका मुंह बंद कर जबरन उठाकर अपने गन्ने के खेत में ले गया और जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुराचार किया। रात को भी आरोपी ने उसे खेत में ही रखा।
अगले दिन जब उसके परिजन उसे तलाश करते हुए खेतों में पहुंचे तो आरोपी उसे चुप रहने की धमकी देकर फरार हो गया। परिजन उसे लेकर सदर थाने में पहुंचे और आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, पोक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया। तत्कालीन डीएसपी विनोद कुमार की टीम ने मामले की जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
फंदा लगा पीड़िता ने कर ली थी आत्महत्या
दलित किशोरी के उत्पीड़न का मामला उस समय चर्चित हो गया था, जब पीड़िता ने मार्च, 2015 में घर में ही फंदा लगाकर जान दे दी थी। मामला एससी-एसटी आयोग तक पहुंच गया था।