अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार की अदालत ने युवक की चाकुओं से गोदकर हत्या करने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोप सिद्ध होने पर दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। ट्रेन में चढने को लेकर हुए झगड़े में युवक की भौरा-रसूलपुर में हत्या कर दी गई थी।
पानीपत के गांव चुलकाना निवासी राजपाल ने 23 अप्रैल, 2014 को गन्नौर पुलिस को बताया था कि उसका भतीजा राहुल अपने साथी दीपक के साथ 22 अप्रैल, 2014 को गांव भौरा-रसूलपुर आया था। रात करीब 11 बजे हमलावरों ने उसे घेर लिया था और चाकुओं से कई वार कर उसे बुरी तरह से घायल कर दिया था। राहुल की चीख सुनकर ग्रामीण बाहर आए थे, लेकिन हमलावर फरार हो गए थे। राहुल को पानीपत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। 23 अप्रैल को गन्नौर पुलिस ने पानीपत के सामान्य अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया था।
राजपाल ने पुलिस को बताया था कि भौरा रसूलपुर निवासी सुभाष, जफरपुर निवासी जोनी, गोविंद, सुखपाल उर्फ जग्गा व ऋषिपाल ने अन्य के साथ मिलकर उसके भतीजे की हत्या की है। राजपाल ने पुलिस को बताया था कि राहुल के साथ इनका डेढ़ माह पहले भोडवाल माजरी स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने को लेकर झगड़ा हुआ था। जिसके चलते ही आरोपियों ने उसके भतीजे की हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। उनकी निशानदेही पर हथियार भी बरामद किए गए थे।
मामले की सुनवाई करते हुए वीरवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार की अदालत ने गोविंद व जोनी को दोषी करार दिया है। दोनों को उम्रकैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।