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खड़ी फसल पर पीला पंजाकर चलाकर लिया सीईपीटी की जमीन पर कब्जा

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अमर उजाला ब्यूरो
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सोनीपत।
गांव बारोटा के पास सीईपीटी (कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट) के लिए अधिगृहीत 22 एकड़ से अधिक जमीन पर रविवार को एचएसआईआईडीसी की टीम ने कब्जा ले लिया। इस दौरान खेत में खड़ी फसल व बनाए गए कमरों को जेसीबी से उखाड़ दिया गया। भारी पुलिस बल के चलते किसी ने प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध नहीं किया। फसल पर गेहूं, गेंदा व सब्जी की खेती की गई थी। साथ ही खेतों में बने कमरों व वहां की गई प्लाटिंग को भी उखाड़ दिया गया।
रविवार को एचएसआईआईडीसी के सीनियर मैनेजर जगभूषण, मैनेजर आलोक, पटवारी संदीप व अमरजीत गांव बारोटा के पास स्थित सीईपीटी के लिए वर्ष 2013 में अधिगृहीत की गई जमीन पर जेसीबी लेकर कब्जा लेने पहुंचे। उनके साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट बीडीपीओ राई मनीष मलिक भी थे। साथ ही कुंडली थाना से एसआई नरेश कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस भी था।
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प्रशानिक अमले ने मौके पर पहुंचते ही कब्जा कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान अमले से खड़ी गेंदे, गेहूं व सब्जी की फसल को बर्बाद कर दिया। साथ ही खेतों में बने कमरों व वहां प्लाटिंग कर बनाई गई चारदीवारी को गिरा दिया। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने विरोध का प्रयास किया, लेकिन भारी पुलिस के चलते वह विरोध नहीं जता सके। जिसके बाद टीम ने 22 एकड़ 5 कनाल जमीन पर कब्जा ले लिया।

सीईपीटी का होना है निर्माण, कई हो चुका विरोध
गांव बारोटा के पास बारोटा व जठेड़ी गांव के किसानों की रही इस जमीन पर सीईपीटी का निर्माण किया जाना है। जिसके लिए वर्ष 2013 में अधिग्रहण किया किया गया। कुछ जमीन पर पहले ही कब्जा ले लिया गया था। यहां 22 एकड़ से अधिक जमीन कब्जा मुक्त थी। इसके बाद से किसान इसका विरोध जता रहे है। प्रशासनिक अमले को कई बार विरोध के चलते वापस लौटना पड़ा है। हालांकि रविवार को इस पर कब्जा ले लिया गया।

किसानों ने कब्जा कार्रवाई पर जताया रोष
कब्जा कार्रवाई पर किसानों ने रोष जताया है। किसान तेजपाल, ओमबीर, ललित, अशोक, सतीश ने बताया कि प्रशासन जबरन कब्जा कर रहा है। बहुत से किसानों ने मुआवजा नहीं उठाया है। जमीन का दाम बहुत कम लगाया गया है, जो किसानों के साथ अन्याय है। इसका विरोध जारी रहेगा। वहीं रिहायशी क्षेत्र के पास सीईटीपी लगाएं जाने का विरोध भी लोग कर रहे हैं।
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गांव बारोटा के पास सीईपीटी के निर्माण के लिए अधिगृहीत जमीन पर कब्जा लिया गया है। किसानों की इस जमीन का चार साल पहले अधिग्रहण किया गया था। -जगभूषण, सीनियर मैनेजर, एचएसआईआईडीसी।
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