सफियाबाद में प्लॉट आवंटन में फर्जीवाड़ा, दो पूर्व सरंपचों पर मुकदमा दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
कुंडली। गांव सफियाबाद में महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत एससी, बीसी व बीपीएल परिवारों को प्लांट आवंटन में गड़बड़ी करने व धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगा है। बीडीपीओ के बयान पर कुंडली थाना पुलिस ने दोनों सरपंचों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बीडीपीओ ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गांव सफियाबाद में प्लांट आवंटन में दो सरपंचों ने गड़बड़ी की है। उन्होंने बताया कि गांवों में एससी, बीसी व बीपीएल परिवारों को प्लांट आवंटन के लिए सरकार ने महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना वर्ष 2008 में शुरू की थी। जिसमें वर्ष 2005 से 2015 तक के दो प्लान के सरपंचों ने गड़बड़ी की है। योजना के अनुसार प्लॉट आवंटन के लिए कमेटी गठित की जानी थी। कमेटी को गांव से फार्म लेकर पात्र व अपात्रों की जांच करनी है। कमेटी में तत्कालीन सरपंच, ग्राम सचिव, पटवारी, गांव के सरकारी स्कूल का मुख्याध्यापक व अनुसूचित जाति का नंबरदार शामिल थे। बाद में पात्रों का ड्रा उप मंडल अधिकारी की अध्यक्षता में ग्रामीणों के सामने निकाला जाना था। बाद में शामलात भूमि में उन्हें प्लॉट उपलब्ध कराया जाना था। ड्रा के बाद संबंधित बीडीपीओ के माध्यम से प्लाटों का हिब्बानामा या रजिस्ट्री कराई जानी थी। तत्कालीन सरपंच नत्थो देवी के कार्यकाल में प्लॉटों का ड्रा निकाला गया था। बाद में वर्ष 2010 से 2015 तक सरपंच रहे उमेद सिंह ने प्लॉटों का हिब्बानामा ड्रा में निकले लोगों के नाम कराया था। जबकि तत्कालीन सरपंच नत्थो देवी ने पूरा रिकार्ड ही उपलब्ध नहीं कराया था। तत्कालीन सरपंच उमेद सिंह ने बयान दिए थे कि उन्हें तत्कालीन समाज शिक्षा व पंचायत अधिकारी बिजेंद्र कुमार ने वर्ष 2011 में ड्रा ऑफ लाटस रजिस्टर दिया था। जिस पर एसडीएम व तहसीलदार के हस्ताक्षर नहीं थे। पात्र व्यक्तियों की सूची पर एसडीएम व बीडीपीओ के हस्ताक्षर नहीं थे और नक्शा दिया था। जिस पर भी किसी अधिकारी-कर्मचारी के हस्ताक्षर नहीं थे। उस रजिस्टर के आधार पर ही प्लॉट का हिब्बानामा करा दिया गया। नत्थो देवी के खिलाफ महात्मा गांधी बस्ती योजना का रिकार्ड नहीं देने व उमेद सिंह पर रिकार्ड नहीं होने के बाद भी प्लॉटो का हिब्बानामा कराने के चलते धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।