अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। राई थाना क्षेत्र के एक गांव में शादी कर घर लौटे युवक के सपने सुहागरात से पहले ही चकनाचूर हो गए। युवक जिस युवती को शादी के पवित्र रिश्तों की डोर में सात फेरे लेने के बाद घर लेकर आया, वह पांच माह की गर्भवती निकली। जब यह राज परिवार के सामने खुला तो सभी के होश फाख्ता हो गए। आनन-फानन में युवक के परिजनों ने नवविाहिता का मेडिकल कराया तो इसका खुलासा हुआ। इसके बाद मामले की सूचना युवती के परिजनों को दी गई। परिजन मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों की पंचायत हुई। इसके बाद लड़की पक्ष अपनी बेटी को साथ ले गया। साथ ही लड़के पक्ष को शादी का खर्च देने की बात कही है।
राई थाना क्षेत्र के एक गांव से दो दिन पहले दिल्ली में बारात गई थी। लड़का पक्ष हंसी-खुशी विवाह समारोह के सभी रीति रिवाज पूरे कर अपने घर लौटा था। तड़के नई दुल्हन के घर आने के बाद उसका स्वागत किया गया। सभी रस्में पूरी गर्मजोशी से निभाई गईं। इसी बीच परिवार की एक महिला को नवविवाहिता पर कुछ शक हो गया। उसने इसकी जानकारी परिवार के अन्य सदस्यों को दी। परिवार के सदस्य उसे लेकर सोनीपत निजी अस्पताल में पहुंचे। वहां उसका मेडिकल कराया गया। चिकित्सक ने जो परिजनों को कहा तो उसे सुनकर सभी के पैरों के तले से जमीन खिसक गई। परिजनों को पता लगा कि जिस लड़की को वे ब्याहकर अभी घर लाए हैं, वह पांच माह के गर्भ से है।
परिवार के सदस्यों ने उसका अल्ट्रासाउंड कराया और उसे लेकर घर आ गए। यहां आने के बाद नवविवाहिता के परिजनों को बुलवाया गया। उसके परिजनों को इसकी जानकारी दी गई तो उन्होंने इस बारे में अनभिज्ञता जाहिर की। जब उन्हें सबूत होने की बात कही गई तो वह बचाव करने लगे। इस के बाद गांव के प्रमुख लोगों को बुलाया गया। वहां लड़की पक्ष ने बाकायदा शपथ पत्र पर लिखकर देने के बाद लड़की को अपने साथ ले जाना स्वीकार कर लिया। लड़की के परिजन उसे अपने साथ ले गए है।
लड़की पक्ष खर्च देने को हुए तैयार
लड़की पक्ष ने ग्रामीणों के सामने शादी का खर्च देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि वह शादी का खर्र्च देने के बाद ही दान में दिया गया सामान ले जाएंगे। लेकिन इस तरह के धोखे को लेकर दुल्हन के परिवार वालों की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।