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कैंसर पीड़ित के सीएम राहत कोष से आर्थिक मदद लेने का खुलासा, बनेगा अहम सबूत

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सोनीपत। कैंसर मरीजों का बीमा करवाकर हादसे में मौत दिखाकर क्लेम हड़पने क मामले में एसटीएफ के हाथ एक अहम सबूत लगा है। जिसमें करनाल के फफड़ाना के रहने वाले कैंसर पीड़ित द्वारा सीएम राहत कोष से आर्थिक मदद लेने का खुलासा हुआ है। जिसकी बाद में हादसा में मौत होने की बात कहकर क्लेम के लिए दावा जताया गया था। वहीं मामले में जिस चिकित्सक पर सेटिंग कराकर पोस्टमार्टम का संदेह जताया गया था उसने कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है। जिस पर सुनवाई बुधवार को होगी।
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विदित रहे कि एसटीएफ की सोनीपत इकाई ने 19 अप्रैल को एक गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ा था, जो कैंसर मरीजों की मौत के बाद उनके शव को दूसरी जगह ले जाकर गाड़ी से कुचल कर सड़क दुर्घटना का रूप दे देते थे। बाद में बीमा कंपनियों से मोटी रकम ऐंठते थे। गिरोह में गांव सेवली निवासी पवन, रिंढाना निवासी मोहित व गुमाना निवासी विकास की गिरफ्तारी से पूरे रैकेट का पर्दाफाश हुआ था। बाद में पुलिस ने सोनीपत सामान्य अस्पताल के कंप्यूटर ऑपरेटर प्रदीप व रोहतक पीजीआई के कर्मचारी प्रमोद, बरोटा चौकी के हवलदार अशोक व कैंसर की एक महिला मरीज के पति चांद को गिरफ्तार किया है। फिलहाल मामले में जांच जारी है। फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
अब एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि गांव फफड़ाना निवासी अनूप ने सीएम राहत कोष से 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि ले रखी है। बाद में अनूप की बड़ी के पास सड़क हादसे में मौत का मामला दर्ज कराया गया था। उसके बाद उसके क्लेम का दावा किया गया। अब पुलिस के पास पुख्ता सबूत हो गया है कि कैंसर पीड़ित का क्लेम लेने के लिए दावा किया गया। डीएसपी शमशेर ने बताया कि अनूप के कैंसर पीड़ित होने का सबूत उन्हें करनाल प्रशासन से मिला है। जहां से आरोपी ने सीएम राहत कोष से मदद ले रखी है।
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चिकित्सक की अग्रिम जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई
मामले में सामान्य अस्पताल के एक चिकित्सक का नाम सेटिंग कर पोस्टमार्टम करवाने में सामने आया था। जिसने कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाई है। जिसकी जमानत पर सुनवाई बुधवार को की जाएगी। चिकित्सक का नाम मामले में आरोपी सामान्य अस्पताल के कंप्यूटर आपरेटर ने लिया था। पुलिस टीम चिकित्सक के खिलाफ सबूत जुटा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि कैंसर मरीजों ने राहत कोष से आर्थिक मदद ली थी। जिसकी जांच में अनूप फफड़ाना का पता लगा। उसने 35 हजार रुपये सीएम राहत कोष से ले रखे हैं।
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सतीश देशवाल, प्रभारी, एसटीएफ सोनीपत इकाई।
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