ऑनर किलिंग : पुलिस को साथ बैठा दिनभर चली पंचायत, ग्रामीण बोले ऐेसे दोनों गांवों का हो जाएगा भाईचारा खत्म
अमर उजाला ब्यूरो
राई/सोनीपत। ऑनर किलिंग के मामले में बड़ौली व खेवड़ा गांव की पंचायत लामबंद हो गई है। दोनों गांवों के मौजिज लोगों ने शुक्रवार को दिनभर पुलिस को साथ बैठाकर पंचायत की। ग्रामीण पुलिस के साथ यमुना घाट तक गए। वहां से आने के बाद पंचायत का दौर शुरू हो गया था। ग्रामीणों ने इस मामले में पुलिस के सामने कहा कि ऐसे तो दोनों गांवों में भाईचारा भी खत्म हो जाएगा, क्योंकि दोनों गांवों के लोगों के बीच कभी कोई झगड़ा तक नहीं हुआ है। इस कारण ही ग्रामीणों ने पुलिस के सामने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
गांव बड़ौली की महिला ने खेवड़ा के युवक पर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में आरोपी युवक न्यायिक हिरासत में जेल जा चुका है। इसके बाद वीरवार रात को युवक के पिता ने राई थाना में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया है। उसने आरोप लगाया कि उसके बेटे का महिला की बेटी से प्रेम प्रसंग था। जिसका पता चलने पर लड़की की हत्या करके परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया है। जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। इसी मामले में गांव में पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की तो दोनों गांव के मौजिज लोग एकजुट होकर सामने आ गए। दोनों गांवों में क्रमवार पंचायत की गई, जिसमें पुलिस भी मौजूद रही। पंचायत में ग्रामीणों ने कहा कि दोनों गांवों के लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में एकजुट होते हैं। ऐसे में गांव के लोगों ने डीएसपी से कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जिससे सच्चाई सामने लाई जा सके।
दोनों गांवों में लंबे अरसे से है भाईचारा, कभी झगड़ा तक नहीं हुआ
पंचायत में ग्रामीणों ने पुलिस से कहा कि दोनों गांवों में लंबे अरसे से भाईचारा बना हुआ है। इस तरह की पहली घटना है कि एक-दूसरे गांव के लोगों पर आरोप लगे है और यह आरोप भी छोटे नहीं है। इस तरह के मामले होते है तो दोनों गांवों में भाईचारा खत्म हो जाएगा और वह कभी मिलकर साथ खड़े नहीं होंगे। पंचायत में पुलिस के आगे हाथ जोड़कर कहा गया कि वह मामले में निष्पक्ष जांच करे, जिससे पूरी सच्चाई सामने आ सके।
दोनों गांवों के लोगों से बातचीत हुई है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। मामले में पूरी पारदर्शिता रखते हुए जांच की जाएगी। जल्द मामले का पटाक्षेप किया जाएगा। पंचायतों के सदस्यों ने भी यहीं मांग रखी है।
- जितेंद्र कुमार, डीएसपी हेडक्वार्टर।