क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
नगर निगम वर्कशाप के सामने फौजी जमीन पर कूड़े का डंप बनाने और हजारों लोगों के स्वास्थ्य को खतरा पैदा करने के मामले में नगर आयुक्त और नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ अदालत में सुनवाई शनिवार को होगी। इस संबंध में नागरिक चेतना समिति की ओर से अधिवक्ता राम कृष्ण तिवारी ने अदालत में वाद दायर किया था।
राम कृष्ण तिवारी ने बताया कि पिछली सुनवाई में हमने अपनी ओर से जवाब दाखिल किया था, जिसमें नगर निगम की ओर जो जवाब दाखिल किया था उसके खिलाफ तथ्य रखे थे। शनिवार को दोनों ही पक्षों को अदालत ने वार्ता के लिए बुलाया है।
उन्होंने बताया कि नगर निगम वर्कशाप के सामने ही सौ बीघा से अधिक फौज की जमीन पर नगर निगम ने कूड़े का डंप बना दिया है। यह सब कूड़ा ढोने के काम में लगे ट्रैक्टरों का डीजल बचाने के लिए किया गया है। शहर से बाहर कूड़ा फेंकने पर डीजल अधिक खर्च होगा। यहां पर कूड़े के साथ ही मरे हुए जानवर और गंदगी फेंक दी जाती है।
इससे आसपास के इलाके, प्रतिभा कालोनी, राजेंद्र नगर, न्यू राजेंद्र नगर, क्रिश्चियन कालोनी, शक्तिनगर, फायर ब्रिगेड आदि में रहने वाले हजारों लोगों के स्वास्थ्य को खतरा पैदा हो गया है। इलाके में गंदगी और बदबू के कारण संक्रामक रोग फैलने लगे हैं।
यही नहीं नगर निगम जब इस कूड़े में आग लगा देता है तो सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। जब से इस मामले में वाद दायर किया है उसके बाद अभी तक नगर निगम के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने अदालत में लिखित में कुछ भी अवगत नहीं कराया है।