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रामकरण गैंग के बदमाश पुलिस के लिए अभी भी बने है सिरदर्द

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अमर उजाला ब्यूरो
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सोनीपत। सोनीपत जिले में सक्रिय दस नामचीन बदमाश पुलिस के लिए गले की फांस बन गए थे। किस तरह ये बदमाश पुलिस की पकड़ में आ जाएं, इस जुगत में पुलिस को ईनाम का सहारा लेना पड़ा। इसके लिए पुलिस ने पांच हजार रुपये से लेकर करीब एक लाख रुपये तक का ईनाम घोषित किया। इसमें संदीप बडवासनियां की हत्या में नामजद रामकरण के गैंग ने पुलिस के लिए खासी परेशानी बढ़ाई है। हालांकि इस गिरोह का सरगना रामकरण पुलिस की पकड़ में है, लेकिन उनके गुर्गे अभी भी बाहर हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। पुलिस अभी भी रामकरण गैंग के सभी गुर्गों को दबोच नहीं सकी है।

इन दस पर घोषित किया ईनाम
पुलिस ने इस साल इन दस पर ईनाम घोषित किया है।
-आकाश निवासी अटेरना : 10 हजार
-धर्मराज निवासी गुमड़ : 50 हजार
-मनोज बुखारा निवासी पुगथला : 25 हजार
-सुमित उर्फ विक्की निवासी चिटाना : एक लाख
-रामकरण निवासी बैंयापुर : एक लाख
-सुनील उर्फ चून निवासी मुंडाल, भिवानी : 50 हजार
-विजय निवासी फरमाणा : 50 हजार
-पवित्र निवासी राजपुर : 5 हजार
-आशीष निवासी रतनगढ़ : 5 हजार
-देवेंद्र निवासी गोरड़ : 5 हजार
इनमें से रामकरण बैंयापुर, धर्मराज, मनोज बुखारा, पवित्र व आशीष को काबू किया गया है।

रामकरण गैंग की सक्रियता ने बढ़ाई परेशानी
पुलिस के लिए रामकरण गैंग फिलहाल सबसे बड़ी परेशानी बनी हुई है। रामकरण गैंग के सुमित उर्फ विक्की, सुनील उर्फ चून, विजय फरमाणा पर पुलिस ने एक लाख व 50-50 हजार का ईनाम घोषित किया है। सभी संदीप बड़वासनी व उसके दो साथियों पानीपत के मतलौड़ा के सुरेंद्र राठी व रूखी के बलबीर की हत्या की गई थी। तीनों की हत्या गोहाना में पुलिस कर्मी संजीत उर्फ बोड़ा के घर पर की गई थी। उसके बाद उनके शवों को गंग नगर में फेंक दिया गया था। मामले में रामकरण गैंग का नाम आया था। शराब कारोबार को लेकर दोनों में रंजिश बताई थी।
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संदीप बड़वासनी के परिजनों का नाम मर्डर में आने से फिर पुलिस फिर सतर्क
संदीप बड़वासनी व रामकरण गैंग की दुश्मनी में संदीप बड़वासनी व तीन साथियों की हत्या के बाद रोहतक में हुई सत्यवान की हत्या में संदीप बड़वासनी की पत्नी व अन्य परिजनों का नाम आया है। जिसमें संदीप का भाई रविंद्र व साले अमित व राजेश का नाम सामने आने से दोनों गैंग की रंजिश को लेकर पुलिस फिर से सतर्क होने लगी है।
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पुलिस ने इस साल दस बदमाशों पर ईनाम घोषित किया था। जिसमें से पांच बदमाश काबू किए जा चुके है। रामकरण को काबू कर लिया गया है। उसके कुछ साथी फरार है उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
सतेंद्र गुप्ता, एसएसपी सोनीपत।
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