अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा (सोनीपत)।
गांव बरोणा के शिव मंदिर के बाहर सोमवार सुबह रिटायर्ड फौजी की हत्या कुख्यात संदीप जठेड़ी व उसके साथी अनिल कारोर ने कराई थी। दोनों बदमाश जेल में बंद हैं। रिटायर्ड फौजी पर संदीप जठेड़ी के फुफरे भाई की हत्या का आरोप लगा था। हालांकि वह इस मामले में बरी हो गया था। जिसके बाद संदीप उससे रंजिश रखने लगा था। पुलिस ने संदीप व अनिल को रोहतक कारागार से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर चार दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस उनसे पता लगाएगी कि आरोपियों ने हत्या किस बदमाश से कराई है।
बता दें कि सोमवार सुबह बरोणा निवासी रिटायर्ड पूर्व फौजी सतबीर सिंह (47) को अज्ञात हमलावर ने गोलियों से छलनी कर मौत के घाट उतार दिया था। बदमाशों ने सतबीर को करीब 11 गोलियां मारी थीं। घटना के दिन सुबह कोहरा व स्मॉग होने के चलते किसी ने भी हमलावरों को नहीं देखा था। सतबीर सिंह के भतीजे अमित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। मामले को खंगालने में खरखौदा थाना प्रभारी विरेंद्र शर्मा व एसआईटी, खरखौदा इंचार्ज रमेश चंद्र की टीम जुटी हुई थी।
कई पहलुओं पर जांच करने के बाद शक की सुई वर्ष 2010 में गांव के ही चार वर्षीय रौनक की हत्या के मामले पर आकर अटक रही थी। मामले में मृतक बच्चे के पिता ने सतबीर सिंह पर हत्या का आरोप लगाया था। इस मामले में सतबीर बाद में बरी हो गया था। हालांकि हत्या के बाद परिजनों ने सतबीर हत्याकांड को इस मामले से जोड़कर नहीं देखा था। उसके बावजूद पुलिस की जांच अन्य बिंदू पर आगे नहीं बढ़ पा रही थी।
पुलिस ने रौनक के परिवार व रिश्तेदारों का रिकॉर्ड खंगाला तो सामने आया कि रौनक का ममेरा भाई जठेड़ी निवासी संदीप उर्फ काला कुख्यात बदमाश है। उस पर करीब 15 हत्याओं सहित 32 वारदातों को अंजाम देने का आरोप है। वह फिलहाल रोहतक जेल में बंद था। जिस पर एसआईटी, खरखौदा की टीम ने संदीप उर्फ काला से पूछताछ की तो पता लगा कि हत्या के मामले में कारोर निवासी अनिल भी शामिल है।
अनिल पर करीब 15 हत्याओं सहित 26 वारदातों का आरोप है। पुलिस ने दोनों को प्रोडेक्शन वारंट पर लिया है। दोनों को न्यायालय में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। जिससे हमलावरों का पता लगाया जा सके। साथ ही पूरी साजिश से पर्दा उठाया जा सके।
चार वर्षीय बच्चे का कटा मिला था गला
वर्ष 2010 में 4 वर्षीय बच्चे रौनक उर्फ रमन की गला रेत कर हत्या की गई थी। वह संदिग्ध हालात में गांव के शिव मंदिर के पास से गायब हो गया था। जिसके बाद रौनक का शव एक दिन बाद मंदिर के पास बने बिटोड़े के पास पराली के नीचे मिला था। वारदात का आरोप सतबीर सिंह पर लगा था। हालांकि सतबीर मामले में बरी हो गया था।
रिटायर्ड फौजी सतबीर की हत्या के मामले की जांच शुरू हुई तो शक रौनक हत्याकांड पर आकर रुक जाता था। जिस पर रौैनक के ममेरे भाई संदीप को प्रोडक्शन पर लेकर पूछताछ की तो उसने अपने साथी अनिल कारोर के साथ मिलकर कारागार में हत्या का षड्यंत्र रचकर सतबीर की हत्या कराना कबूल किया। दोनों को चार दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही वारदात को अंजाम देने वाले हमलावरों का पता लगाया जाएगा।
- रमेश चंद्र, प्रभारी एसआईटी, खरखौदा।