हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने बालिका से दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 20 साल कैद व 80 हजार रुपये लगाया है। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं। जुर्माना अदा न करने पर 27 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
राई थाना क्षेत्र के गांव में किराये पर रहने वाली महिला ने 13 जुलाई 2021 को पुलिस को बताया था कि वह और उसके पति फैक्टरी में काम करते हैं। वह 12 जुलाई 2021 को फैक्टरी में गए थे। घर पर उनकी 13 साल की बेटी अकेली थी। जब वह शाम को घर आई थी तो बेटी ने बताया था कि वह दोपहर को कमरे में सो रही थी।
इसी दौरान पास ही एक अन्य कॉलोनी में रहने वाला कुलदीप उनके कमरे में आया था। वह उसे बाजा देने के बहाने से अपने कमरे में ले गया था। वहां पर आरोपी ने उसका मुंह दबाकर उसके साथ गलत काम किया था। साथ ही किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। बेटी से मामले का पता लगने पर महिला ने अपने बड़े दामाद को बुलाया था।
उसके बाद पुलिस को अवगत कराया गया था। पुलिस ने बालिका का मेडिकल परीक्षण कराया था। जांच के बाद दुष्कर्म व चार पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन जांच अधिकारी उषा ने 5 सितंबर, 2021 को आरोपी मूलरूप से उत्तर प्रदेश के जिला उन्नाव के गांव बल्हमेऊ के कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया था, जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
मामले में सुनवाई के बाद एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने आरोपी कुलदीप को दोषी करार दिया। बुधवार को मामले में फैसला सुनाते हुए अदालत ने दोषी को 4 पॉक्सो एक्ट में 20 साल कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना, भादंसं की धारा 363 में पांच साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 452 में पांच साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना और 506 में भी पांच साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सभी सजा एक साथ चलेंगी।