अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
कोर्ट कॉम्पलैक्स पुलिस चौकी में वीरवार को एक वकील के खिलाफ दो केस दर्ज किए गए हैं। पहले मामले में जातिगत आरक्षण विरोधी संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष ने मारपीट व धमकी देने का मामला दर्ज कराया। वहीं, पुलिस ने भी वकील के खिलाफ मारपीट, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने व गाली-गलौज करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दो मामले दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, वकील ने मामलों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले उन्होंने ही शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई के नाम पर पुलिस कर्मियों ने उससे रिश्वत मांगी। उसने इसे लेकर एसएसपी, आईजी डीजीपी और सीएम विंडो को शिकायत भी भेजी है।
महलाना रोड, गली नंबर-5 निवासी राकेश धारीवाल ने कोर्ट कॉम्पलेक्स पुलिस चौकी में शिकायत दी है कि वह राष्ट्रीय जातिगत आरक्षण विरोधी संघर्ष समिति का जिलाध्यक्ष है। उसका वकील मनोज दहिया के साथ 7 सितंबर को गली में स्कूटी खड़ी करने के लेकर झगड़ा हुआ था। जिसमें मनोज दहिया ने उसी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी। जब वह चौकी में पहुंचा तो उसके साथ समिति के पदाधिकारी रविंद्र जठेड़ी व अन्य भी थे। यहां पर मनोज दहिया ने उससे मारपीट की थी। बाद में 10 अक्टूबर को फिर से चौकी में बुलाया गया, यहां भी उसके साथ फिर से मारपीट की गई। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया।
वहीं दूसरे मामले में मुख्य सिपाही संदीप कुमार ने बताया कि वह 11 अक्टूबर को चौकी में था। इसी दौरान मनोज दहिया चौकी में आया और उसे केस दर्ज करने पर धमकी देने लगा। साथ ही उसकी वर्दी पर हाथ डालते ही उसके गला पकड़ लिया। उसे गाली-गलौज कर वह धमकी देकर फरार हो गया। पुलिस ने मनोज दहिया के खिलाफ एक मामला दर्ज कर लिया है।
वकील ने आरोपों का बताया बेबुनियाद
मामले को लेकर वकील मनोज दहिया ने कहा कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। सितंबर में गली से स्कूटी हटाने को लेकर उसने राकेश के परिजनों को कहा था। लेकिन राकेश के परिजनों ने उस पर ही हमला कर दिया। उसने मामले की शिकायत पुलिस को दी थी। जिस पर पुलिस कर्मियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। कार्रवाई के नाम पर उससे पैसों की डिमांड की गई। जिस पर उसने मामले की शिकायत मंगलवार सुबह एसएसपी, आईजी, डीजीपी और सीएम विंडो पर की थी। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ एक अन्य मामला दर्ज कर लिया। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वर्जन
वकील के खिलाफ मारपीट की शिकायत मिली थी। जिस पर केस दर्ज कर लिया गया। वकील इसे लेकर चौकी में आया था और चौकी में ही मुख्य सिपाही संदीप से अभद्र व्यवहार किया। मामले में ठोस कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी कानून हाथ में लेने का हक नहीं है।
रविंद्र कुमार,
चौकी प्रभारी, कोर्ट कॉम्पलैक्स चौकी।