राई (सोनीपत)। गांव खेवड़ा स्थित सीआरपीएफ कैंप के पास इको वैन की टक्कर से बाइक सवार मेडिकेयर कंपनी कर्मी की मौत हो गई और उसका साथी घायल हो गया। घायल को सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे का शिकार हुआ युवक अपनी बहन के घर रहता था। उसके माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने घायल के बयान पर इको चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
मूलरूप से मेरठ के गांव अटोडा मवाना का रहने वाला अभिषेक चौहान (23) फिलहाल बागपत के ओल्ड टाउन में अपनी बहन के घर रहता था। वह बहालगढ़ स्थित मेडिकेयर कंपनी में लाइन लीडर के पद पर कार्यरत था। अभिषेक चौहान मंगलवार सुबह बागपत स्थित घर से बहालगड़ स्थित कंपनी में आ रहा था। उसके साथ उसका साथी कर्मी गांव निवाडा निवासी सन्नौज भी था। जब दोनों सीआरपीएस कैंप खेवड़ा के पास पहुंचे तो इसी दौरान सामने से आ रही इको वैन की बाइक को सीधे टक्कर लग गई। हादसे में अभिषेक व सन्नौज सड़क पर गिरकर घायल हो गए। हादसे के बाद चालक वैन छोड़कर फरार हो गया। राहगीरों ने दोनों को सामान्य अस्पताल में पहुंचाया। जहां पर चिकित्सकों ने अभिषेक को मृत घोषित कर दिया। सूचना के बाद पहुंची राई थाना पुलिस के जांच अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया। सन्नौज के बयान पर अज्ञात वैन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वैन चालक की तलाश की जा रही है।
पांच बहनों में सबसे छोटा था अभिषेक
सामान्य अस्पताल में अभिषेक का शव लेने आए उनके बहनोई रमन ने रुंधे गले से बताया कि अभिषेक पांच बहनों में इकलौता भाई था। उससे बड़ी सभी पांच बहनों की शादी हो चुकी है। अभी उसकी शादी नहीं हुई थी। वह सुबह घर से तैयारी के साथ खाना लेकर निकला था। उन्हें क्या पता था कि अब वह कभी वापस नहीं आएगा।
माता-पिता को बचपन में खो चुका था अभिषेक
हादसे का शिकार हुए अभिषेक के माता-पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी है। वह तब बहुत छोटा था। बहनोई रमन ने बताया कि उसके बाद से ही वह उनके पास बागपत में रहता था। यहीं रहकर पढ़ाई की और अब नौकरी करने लगा था। अभिषेक के पिता रोहताश की मौत भी सड़क हादसे में हुई थी। बाद में कैंसर पीड़ित उनकी मां ने भी दम तोड़ दिया था।
अस्पताल में लगी रही फैक्टरी कर्मियों की भीड़
हादसे में अभिषेक की मौत होने की सूचना के बाद उनकी कंपनी से सैकड़ों महिला एवं पुरुष कर्मी सामान्य अस्पताल में पहुंच गए। सभी मृतक के परिजनों को ढांढस बंधा रहे थे।