गोहाना (सोनीपत)। गांव मोई हुड्डा के पास से गुजर रही जेएलएन नहर के हेड के सात गेट क्षतिग्रस्त कर ड्रेन में जबरन पानी छोड़ने का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं आरोप है कि लोगों ने वहां बने कार्यालय में रखे सामान को भी तोड़ दिया। हेड इंचार्ज ने मामले की शिकायत पुलिस को दी है। पुलिस ने रोहतक के गांव रिठाल फौगाट सरपंच समेत 250 ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जेएनएल नहर हेड इंचार्ज जेई दीपक कुमार ने सदर थाना गोहाना पुलिस को बताया कि उन्हें बेलदार ईश्वर ने सोमवार शाम को 6 बजे फोन कर सात गेट क्षतिग्रस्त करने की जानकारी दी। उसने कहा था कि रिठाल फौगाट गांव के सरपंच ऋषि, संदीप समे करीब 200-250 ग्रामीण नहर पर आए और हेड संख्या 83000 के सातों गेटों को क्षतिग्रस्त कर दिया। दीपक कुमार के अनुसार ग्रामीणों ने कार्यालय के दरवाजे तोड़े और अंदर रखी कुर्सी, मेज को तोड़ दिया। बिजली की मोटर को नुकसान पहुंचाया गया। बेलदार ईश्वर की साइकिल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। नहर के गेटों को क्षतिग्रस्त कर पानी को ड्रेन संख्या आठ में छोड़ दिया गया। जेई के अनुसार उन्होंने सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। ग्रामीणों की इस हरकत से विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
पानी छोड़ते हुए हो सकता था हादसा
जेई ने पुलिस का बताया कि नहर के गेटों को क्षतिग्रस्त कर ड्रेन में पानी छोड़ते हुए हादसा भी हो सकता था। उस दौरान कोई व्यक्ति चोटिल भी हो सकता था। उसके बावजूद लोगों ने जबरन पानी छोड़ दिया।
जेई दीपक कुमार ने मोई हुड्डा हेड के गेटों को क्षतिग्रस्त कर पानी को ड्रेन में छोड़ने व तोड़फोड़ करने की शिकायत दी है। जिस पर पुलिस ने गांव रिठाल फौगाट के सरपंच समेत 250 लोगों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
-संदीप कुमार, एसएचओ सदर गोहाना।